ashuddhi sanshodhan purush anusar वाक्य संशोधन पुरुषअनुसार

वाक्य संशोधन पुरुष अनुसार

संस्कृत भारतीय भाषाओं की जननी मानी जाती है । संस्कृत में वाक्यों की अशुद्धियों का कारण व्याकरण का अल्पज्ञान है | व्याकरण के नियमानुसार वाक्यों में लिंग, वचन, संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया, विशेषण व कारक का उचित प्रयोग न किया जाए तो वह वाक्य अशुद्ध कहलाता है |

वाक्य संशोधन पुरुष अनुसार करते समय निम्न लिखित बातो का ध्यान रखना चाहिए |

संस्कृत में तीन पुरुष प्रथम पुरुष, मध्यम पुरुष, उत्तम पुरुष व तीन ही वचन एकवचन,
द्विवचन बहुवचन होते
है ।

कर्ता और क्रिया का निर्धारण पुरुष के अनुसार किया जाता है | यदि प्रथम पुरुष का कर्ता है तो
क्रिया भी प्रथम पुरुष की होगी | इसी तरह | मध्यम पुरुष के कर्ता के साथ मध्यम पुरुष की क्रिया का प्रयोग होगा और उत्तम पुरुष के कर्ता के साथ उत्तम पुरुष की क्रिया का प्रयोग होगा |


नीचे लिखे गए प्रश्नों के उत्तर अंत में दिए गए है ।

अशुद्धि शोधन MCQ


अधोलिखितवाक्येषु रेखांकित पदेषु काश्चन अशुद्धयः सन्ति तेषां शुद्धरूपं विकल्पेभ्यः चित्वा लिखत –
,

(अ) तौ (ब) युवां (स) यूयं (द) ता:

1.ता: पाठं पठसि |। (अ) पठत: (ब) पठथः (स) पठन्ति (द) पठथ

  1. ता: समाचारपत्रं पठसि |(अ) पठत: (ब) पठथ: (स) पठन्ति (द) पठथ
  2. त्वं कदा नाटकं द्रक्ष्यन्ति ?
    (अ) द्रक्ष्यामि (ब) द्रक्ष्यसि (स) पश्याव : (द)
    पश्यथ:
  3. त्वं मम मित्रं अस्ति । (अ)भवति (ब) अस्मि (स) स्त: (द) असि
  4. वयं सर्वे प्रातः उद्यानं गच्छन्ति ।
    (अ) गच्छाव: (ब) गच्छाम: (स) गच्छथ: (द)गमिष्यामि
  5. त्वं पाठं अपठत् |। (अ)अपठताम् (ब) अपठ: (स) अपठतम् (द)अपठत
  6. अहं नाटकं द्रक्ष्यन्ति| (अ) द्रक्ष्यामि (ब) द्रक्ष्यसि (स) पश्याव:
    (द)पश्यथ:
  7. मम समीपे पञ्च फलानि स्थ |
    (अ) अस्ति (ब) असि (स) सन्ति (द) स्म:
  8. वानरा: अकूर्दः
    (अ) अकूर्दत् (ब) अकूर्दताम् (स) अकूर्दन् (द) अकूर्दत
  9. अहं सेवफलं खादति । (अ) आवाम् (ब) वयम् (स) त्वम् (द) सः
  10. यूयं व्यर्थं न वदाव: |। (अ) वदथ: (ब) वदोथ (स) वदन्ति (द) वदामः
  11. आवां अस्माकं मित्रैः सह गमिष्यतः |
    (अ) युवाम् (ब) यूयम् (स) त्वम् (द) तौ
  12. अहं गीतां पठिष्यामः |
    (अ) पठिष्यामि (ब) पठिष्यति (स) पठिष्याव: (द)अकरुताम्

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