बाल गंगाधर तिलक पाठ -11 Bal Gangadhar Tilak chapter-11

फुलवारी कक्षा-4 की हिंदी पाठ्य पुस्तक

यह अध्याय प्राइमरी पाठशाला कक्षा 4 की हिंदी पाठ पुस्तक फुलवारी से लिया गया है इस पाठ में हम पढ़ेंगे बाल गंगाधर तिलक (जीवनी)

एक बार अध्यापक ने कक्षा में छात्रों को गणित
के कुछ प्रश्न हल करने के लिए दिए। कक्षा के सभी छात्र तल्लीन होकर अपना कार्य कर रहे थे। एक छात्र चुपचाप बैठा था। शिक्षक ने उससे पूछा, “तुम गणित के प्रश्न क्यों हल नहीं कर रहे हो?” छात्र ने कहा, “मैंने प्रश्नों को हल कर लिया है।” आश्चर्यचकित शिक्षक ने पूछा, “कहाँ?” छात्र- ‘मस्तिष्क में।’ शिक्षक ‘अच्छा तो उत्तर बताओ।’ बालक ने खड़े होकर शिक्षक द्वारा दिए गए सारे प्रश्नों को मौखिक रूप से ही हल कर दिया। अद्भुत प्रतिभा का धनी यह
बालक गंगाधर तिलक था।

बाल गंगाधर तिलक का जन्म 23 जुलाई सन्
1856 ई. को महाराष्ट्र राज्य में कोंकण जिले के रत्नागिरि नामक स्थान में हुआ था। इनके पिता का नाम गंगाधर राव और माता का नाम पार्वती बाई था। इनका बचपन का नाम ‘केशव’ था। छोटा होने के कारण घर में लोग इन्हें ‘बाल’ कहकर पुकारते थे। बाद में यही नाम प्रचलित हो गया। इनके पिता की शिक्षा में गहरी रुचि थी। उन्होंने अपने पुत्र की शिक्षा-दीक्षा पर पूरा ध्यान दिया।
तिलक कुशाग्र बुद्धि के बालक थे। विद्यालय जाने से पूर्व ही इन्होंने अनेक संस्कृत ग्रंथ याद कर लिए थे। इनकी प्रतिभा से शिक्षक बहुत प्रभावित थे। गणित, इतिहास और संस्कृत इनके प्रिय विषय थे। गणित के कठिन से कठिन प्रश्न वे मौखिक रूप से हल कर लेते थे।
किशोरावस्था के पूर्व ही इनके माता-पिता का देहांत हो गया। इनका विवाह सत्यभामा
बाई से हुआ। विवाह में इन्होंने दहेज में कुछ नहीं लिया। सन् 1877 ई0 में बी०ए० परीक्षा उत्तीर्ण
कर इन्होंने कानून की डिग्री प्राप्त कर ली। इसके बाद वकालत करने लगे ।तिलक शिक्षा को स्वतंत्रता का आधार मानते थे। इन्होंने यह भी अनुभव किया कि देशभक्ति और राष्ट्रीय चेतना जगाने के लिए शिक्षा के प्रसार के साथ-साथ पत्र-पत्रिकाओं का प्रयोग भी आवश्यक है। अतः इन्होंने ‘केसरी’ तथा ‘मराठा’ नाम के समाचार पत्र भी निकाले। इन समाचार पत्रों के माध्यम से ये ब्रिटिश शासन के विरुद्ध संघर्ष करने का संदेश देते थे। पत्रों के माध्यम से इन्होंने स्वतंत्रता के प्रति लोगों में नयी चेतना जगाई। इनके लेख सबका ध्यान आकर्षित करते थे। इनके कार्यों और विचारों के कारण सब लोग इनका आदर करने लगे और इनके नाम के साथ ‘लोकमान्य’ शब्द प्रचलित हो गया ।
तिलक ने विधवा-विवाह एवं महिला-शिक्षा पर विशेष जोर दिया। बाल-विवाह जैसी कुरीति का विरोध किया तथा मजदूरों की दशा सुधारने के लिए आंदोलन चलाया। इन्होंने स्वदेशी की भावना का भी प्रचार किया।
तिलक के स्वतंत्र एवं उग्र विचारों से रुष्ट होकर अंग्रेज सरकार इन्हें बार-बार जेल में डालती रही। सन् 1907 ई0 के सूरत कांग्रेस अधिवेशन में इन्होंने सिंह गर्जना की- “स्वराज्य हमारा जन्म सिद्ध अधिकार है और हम उसे लेकर रहेंगे।” ब्रिटिश सरकार ने इन पर सन् 1908 ई0 में राजद्रोह का मुकदमा चलाया और छह वर्ष की सजा देकर मांडले (म्यांमार) जेल में डाल दिया। यह समाचार पूरे भारत में आग की तरह फैल गया। इसके विरोध में मुंबई के बाजार तथा मिलें बंद हो गई।
जेल में इन्होंने तीन पुस्तकों की रचना की। पहली पुस्तक थी ‘गीता रहस्य’ जो बहुत प्रसिद्ध हुई। इस पुस्तक से इनकी विद्वता और अध्ययनशीलता का परिचय मिलता है। अन्य दो पुस्तकें थीं – ‘ओरियन’ और ‘आर्कटिक होम इन वेदाज’। छह वर्ष की सजा पूरी कर सन् 1914 ई0 में मांडले जेल से बाहर आए। बाहर आकर वे फिर स्वतंत्रता प्राप्ति के लक्ष्य जी जान से जुट गए। अपनी लगन तथा निष्ठा के बल पर इन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की सुदृढ़ आधारशिला रखी।
स्वतंत्रता-संग्राम का यह चमकता नक्षत्र 1 अगस्त सन् 1920 ई0 को सदा के लिए अस्त हो गया। लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के विचार, देशभक्ति और स्वातंत्र्य-प्रेम हमारे लिए सदा ही प्रेरणा के स्रोत बने रहेंगे।

अभ्यास

शब्दार्थ

शब्द अर्थ
तल्लीन पूरी तरह लगा हुआ
प्रतिभायोग्यता
रूष्ट नाराज
कुरीतिबुरी प्रथा
निष्ठाविश्वास श्रद्धा
कुशाग्र बुद्धितीक्ष्ण बुद्धि वाला
जन्म सिद्धजन्म से प्राप्त
विदवताज्ञान अध्यनशीलता

1-बोध प्रश्न उत्तर लिखिए-

(क) बालक गंगाधर ने शिक्षक द्वारा पूछे गए प्रश्नों को कैसे हल किया ?

उत्तर-बाल गंगाधर तिलक ने शिक्षक के द्वारा दिए गए प्रश्नों को मौखिक रूप से हल कर दिया|


(ख) तिलक के नाम के साथ ‘लोकमान्य’ शब्द कैसे जुड़ा?

उत्तर-बाल गंगाधर तिलक ने केसरी तथा मराठा नाम के समाचार पत्र के माध्यम से स्वतंत्रता के प्रति लोगों की नई चेतना जगाई इन कार्यों और विचारों के कारण सब लोग इनका आदर करने लगे और उनके नाम के साथ लोकमान्य शब्द प्रचलित हो गया|


(ग) लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने क्या नारा दिया ?

उत्तर-1906 ई के सूरत कांग्रेस अधिवेशन में इन्होंने नारा दिया कि स्वराज हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है इसे लेकर रहेंगे|


(घ) पाठ में लोकमान्य तिलक की किन-किन विशेषताओं का वर्णन किया गया है ?

उत्तर– बाल गंगाधर तिलक के कुशाग्र बुद्धि कुशल सम्पादक समाज सुधारक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रसिद्ध लेखक के विशेषताओं का वर्णन किया गया है|

2-भाषा के रंग-

(क)-पाठ में आपको जिन-जिन शब्दों के मतलब (अर्थ )नहीं पता है उन्हें छाँटकर अपनी कॉपी कर लिखिए-

1-शब्दकोश या शिक्षक की मदद से उनके अर्थ पता कीजिए-

2-अब इन शब्दों का अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए-

देहांत मृत्यु आज सुरेन्द्र के दादी का देहांत हो गया |

छात्र इसी प्रकार कठिन शब्दों को ढूंढकर लिखें और अर्थ लिखते हुए वाक्यों में प्रयोग करें |

(ख)-प्रत्येक वाक्य की खाली जगह में उसके दाएं और लिखे शब्द का सही रूप लिखिए उदाहरण के लिए पहला वाक्य देखिए?

1-तिलक नियमित रूप से व्यायाम करते थे|

2-तिलक शिक्षा को (स्वतंत्रता) का आधार मानते थे|

3-उनका लेख सबका ध्यान (आकर्षण) करते थे|

(ग)शब्दों को उदाहरण के अनुसार स्त्रीलिंग में बदलिए-

पुलिंगस्त्रीलिंग
लेखकलेखिका
बालकबालिका
शिक्षकशिक्षिका
नायकनायिका
(घ) शुद्ध उच्चारण के साथ पढ़िए

आश्चर्य ,कुशाग्र, राष्ट्रीय, संघर्ष, संदेश ,आकर्षित, स्रोत ,रुष्ट विद्वता|

(ङ)-समान अर्थ वाले शब्द बताइए-

रुष्ट= नाराज

सम्मान =आदर

कठिन =जटिल

निर्धन= गरीब

(च)-स्वतंत्र शब्द में ता लगाने पर स्वतंत्रता बनता है इसी प्रकार नीचे दिए गए शब्दों में ता जोड़कर नए शब्द बनाइए-

निर्धननिर्धनता
मानवमानवता
सज्जनसज्जनता
उदारउदारता
कठोरकठोरता
कोमलकोमलता
(छ)-नीचे दिए गए सर्वनाम शब्दों की बहुवचन रूप पढ़िए समझिए और पूरा कीजिए-
सर्वनाम शब्दबहुवचन रूप
वहवे
यहये
उसनेउन्होंने
उसकाउनका
उसकेउनके
इसनेइन्होंने
इसकाइनका

3-आपकी कलम से-

(क)-नीचे लिखे प्रत्येक शीर्षक पर दो – तीन वाक्य लिखिए-

तिलक का बचपन-बाल गंगाधर तिलक का जन्म 23 जुलाई सन 1856 ईस्वी में महाराष्ट्र में हुआ

तिलक कुशल बुद्ध के बालक थे|

बचपन में तिलक को घरवाले ‘बाल’ कहकर पुकारते थे|

तिलक की शिक्षा-उनकी प्रतिभा से शिक्षक बहुत प्रभावित थे | गणित इतिहास और संस्कृति उनके प्रिय विषय थे |गणित के कठिन से कठिन प्रश्न है वह मौखिक रूप से हल कर देते थे|

स्वतंत्रता के लिए तिलक का योगदान-देशभक्ति और राष्ट्रीय चेतना जगाने के लिए शिक्षा के प्रचार -प्रसार |

केसरी तथा मराठा नाम के समाचार पत्र के माध्यम से ब्रिटिश शासन के विरुद्ध संघर्ष करने का संदेश देते थे|

स्वतंत्रता के प्रति लोगों में नई चेतना जगाई|

(ख) पाठ में आए इन वाक्यों में कुछ सवालों के जवाब छिपे हैं | उदाहरण के अनुसार इन वाक्यों पर प्रश्न बनाइए –

जवाब सवाल

बाल गंगाधर तिलक का जन्म कहां हुआ था?

बाल गंगाधर तिलक का जन्म महाराष्ट्र की रत्नागिरी नामक स्थान में हुआ था|

तिलक कुशाग्र बुद्धि के बालक थे |

तिलक शिक्षा को स्वतंत्रता का आधार मानते थे तिलक ने जेल में तीन पुस्तकों की रचना की

4-अब करने की बारी-

लोकमान्य तिलक के जीवन से जुड़े रोचक प्रसंग का संकलन कीजिए-

छात्र स्वयं करें

5-मेरे दो प्रश्न पाठ के आधार पर सवाल बनाइए-

1-बाल गंगाधर तिलक का बचपन का क्या नाम था|

2-बाल गंगाधर तिलक स्वतंत्रता का आधार क्या मानते थे|

6. इस पाठ से –

(क) मैंने सीखा –

(ख) मैं करूँगा / करूँगी –

उत्तर- छात्र स्वयं लिखें |

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