चाचा का पत्र अध्याय -20 chacha ka Patra chapter-20

फुलवारी कक्षा-4 की हिंदी पाठ्य पुस्तक

यह अध्याय प्राइमरी पाठशाला कक्षा 4 की हिंदी पाठय पुस्तक फुलवारी से लिया गया है इस पाठ पढ़ेंगे (चाचा का पत्र)

मेरे प्यारे बच्चों ! मुझे तुम्हारे साथ रहना, तुम्हारे साथ हँसना-बोलना और तुम्हारे साथ खेलना बहुत पसंद है। मैं जब भी तुम्हें देखता हूँ, अपना बुढ़ापा भूल जाता हूँ। तुम्हें देखकर मुझे अपना बचपन याद आ जाता है।
मैं तुम्हारे साथ खेलना चाहता हूँ। मैं चाहता हूँ कि तुम्हारी दुनिया में घुल-मिल जाऊँ ।मैं तुम्हें बर्फ से ढकी हुई ऊँची, सुंदर चोटियों के बारे में बताऊँगा । सुंदर खिले फूलों, लहलहाते हुए खेतों, फूल और फलों से लदे हुए पेड़ों, चमकते हुए सितारों, इन सब के बारे में बताऊँगा ।
हमारे आस-पास कितनी प्राकृतिक सुंदरता है, पर बड़े लोगों को उसकी ओर ध्यान देने का समय ही नहीं है। तुम लोग आँख खोलकर, ध्यान देकर इन चीजों का आनंद लो। क्या किसी फूल को तुम नाम से पहचान सकते हो ? क्या किसी पक्षी के गाने की आवाज से उसका नाम बता सकोगे ?
बहुत दिन हुए मैं यूरोप गया। जापानी बच्चों ने मुझसे एक हाथी माँगा। मैंने तुरंत भारतीय बच्चों की तरफ से उन्हें एक हाथी जलमार्ग से भेजा । वह हाथी मैसूर का था। वह जब टोकियो पहुँचा तो उसे देखने के लिए हजारों बच्चे पहुँचे। उनमें कई बच्चों ने इससे पहले कभी हाथी नहीं देखा था। वह प्राणी उनकी नजर में भारत का प्रतीक था। उसके द्वारा भारतीय और जापानी बच्चों में मित्रता का भाव पनपा । वे भारत के बारे में विचार करने लगे। हमें भी अन्य देशों के बारे में सोचना चाहिए।

अपने देश में एक महान नेता हुए हैं। उनका नाम महात्मा गांधी है। हम सब प्यार से उन्हें ‘बापू’ कहते हैं। उन्हें बच्चे बहुत प्यारे लगते थे। वे कहते थे ” सबके साथ दोस्ती करो, किसी से भी झगड़ो नहीं। सहयोग से काम करो।” हम देश के लिए बहुत कुछ कर सकते हैं। हर एक नागरिक यदि थोड़ा-सा भी काम करे तो भारत उन्नति के शिखर पर जरूर पहुँचेगा।
अच्छा, और कभी फिर लिखूँगा, जय हिंद |

जवाहर लाल नेहरू

यह पत्र जवाहर लाल नेहरू ने अपने जन्म दिवस पर देश के बच्चों के नाम लिखा था। पंडित जवाहर लाल नेहरू स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री थे। बच्चे इन्हें प्यार से ‘चाचा नेहरू’ कहते थे।

अभ्यास

शब्दार्थ

शब्दअर्थ
प्राकृतिकप्राकृति द्वारा रचित
यूरोपसात महाद्वीपों में से एक महाद्वीप का नाम
जलमार्गनदी, समुद्र आदि में जलयानों को आने जाने का रास्ता
पनापनाउत्पन्न होना
प्रतीकचिन्ह
उन्नतितरक्की, प्रगति
शिखरचोटी

1-बोध प्रश्न उत्तर लिखिए-

(क) पत्र किसने और किसको लिखा है ?

उत्तर-पत्र चाचा नेहरू पंडित जवाहरलाल नेहरू ने अपने जन्मदिन पर देश के बच्चों के लिए लिखा|


(ख) पत्र में चाचा नेहरू बच्चों को क्या-क्या बताने की बात कर रहे हैं ?

उत्तर-पत्र में चाचा नेहरू ने बर्फ से ढकी हुई ऊंची सुंदर चोटियों के बारे में और सुंदर खिले फूलों लहलहाते हुए खेतों फूल और फलों से लगे हुए पेड़ो |चमकते हुए सितारों इन सब के बारे में बता रहे हैं|

(ग)चाचा नेहरू ने बच्चों को महात्मा गांधी की किन बातों के बारे में बताया है?

उत्तर-चाचा नेहरू ने महात्मा गांधी के इस बारे में बता रहे हैं कि हम सब ने प्यार से बापू कहते हैं उन्हें बच्चे बहुत प्यारे लगते थे वे कहते थे सबके साथ दोस्ती करो किसी से भी झगड़ा नहीं सहयोग से कम करो |

(घ) पत्र की कौन सी बात आपको सबसे अच्छी लगी?

उत्तर-चाचा नेहरू ने जो जापान के बच्चों के विषय की बात बताई वह मुझे सबसे अच्छी लगी|

2(-क) आपको कौन-कौन व्यक्ति काम बताते हैं वे लोग आपको क्या-क्या काम बताते हैं नीचे दी गई तालिका में लिखिए-

काम बताने वाले का नामक्या-क्या काम बताते हैं
पिताघर के काम के करनें लिए
शिक्षकपढ़ने के लिए
(ख) नीचे बनी तालिका को भरिए-
उन फूलों के नाम जिन्हें आप देख कर पहचानते हैंउन पशु पक्षियों के नाम जिन्हें आप उनकी आवाज से पहचानते हैंआसपास की वे आवाज़ जिन्हें सुनकर आप पहचान लेते हैं
गेंदा का फूलभैंसगाड़ी की आवाज
कमल का फूलकोयलघंटी की आवाज
गुलाबतवाफोन बजाने की आवाज

3-सोच विचार बताइए-

पत्र में चाचा नेहरू ने लिखा है- मैं तुम्हें बर्फ से ढकी हुई ऊँची, सुंदर चोटियों के बारे में बताऊँगा । सुंदर खिले फूलों, लहलहाते हुए खेतों, फूल और फलों से लदे हुए पेड़ों, चमकते हुए सितारों, इन सब के बारे में बताऊँगा । अगर आप चाचा नेहरू से मिलते तो उन्हें किन-किन चीजों के बारे में बताते ?

विद्यार्थी स्वयं लिखे-

4-अनुमान और कल्पना-


(क) जापान के बच्चों ने नेहरू जी से हाथी की माँग की। आपको नेहरू जी से माँगना होता तो क्या माँगते और क्यों ?

उत्तर-विद्यार्थी स्वयं लिखें?


(ख) जापान के बच्चों ने पहली बार हाथी देखा तो वे बहुत खुश हुए। उन्होंने अपने घर पर हाथी के बारे में क्या-क्या बताया होगा ?

उत्तर-विद्यार्थी स्वयं लिखें?

(ग) किसी बच्चे ने अपने किसी दोस्त को हाथी के बारे में पत्र लिखा होगा तो उसमें क्या-क्या लिखा होगा पत्र लिखकर बताइए-

उत्तर-विद्यार्थी स्वयं लिखें?

5-भाषा के रंग-

(क) नीचे की पहली में कम से कम 15 महान विभूतियों के नाम छिपे हैं खोज कर लिखिए-

भीवीरीशिवाजीगुदी
हात्मागांधीरु
रात्मासिंना
बुराणाप्रताया
द्धसिं
म्बेसुभाचंद्रबो
फाल्लापा
रोनीनाडूध्या
रानीदुर्गाती
हारानीक्ष्मीबा
इन महान विभूतियों के जीवन के बारे में अपने पुस्तकालय से जानकारी कीजिए –

6-आपकी कलम से-

मेले में जाने के संबंध में अपने दोस्त को एक पत्र लिखिए-

प्रिय मित्र मुझे आपको बताते हुए अत्यधिक खुशी हो रही है -कि हर साल की भांति दशहरा के एक दिन बाद हमारे गाँव में एक मेले का आयोजन किया गया है । जिसमें झूले, सर्कस और अनेक प्रकार की दुकाने आयेंगी । मैंने अपने मित्रों के साथ मिलकर मेला देखने की योजना बनाई है | अगर आप भी आयेंगे तो सभी को बहुत खुशी होगी ।

7-अब करने की बारी-

(क) शिक्षक दिवस के अवसर पर अपने शिक्षक को देने के लिए एक ग्रीटिंग कार्ड बनाइए ।

(ख) पत्रों के नमूने इकट्ठा कीजिए- लिफाफा, पोस्टकार्ड, अंतर्देशीय पत्र, निमंत्रण पत्र।

(ग) अपने गाँव / शहर का पिन कोड पता करके बॉक्स मे लिखिए-

उपरोक्त प्रश्न विद्यार्थी स्वयं करें?

(घ) शिक्षक से उनके बारे में पता कीजिए और लिखिए कि यह पत्र कब लिखे/ भेजे जाते हैं?

निमंत्रण पत्रशादी विवाह के या अन्य अवसर के कार्यक्रम के लिए
बधाई पत्रबधाई देने के लिए
आवेदन पत्रनौकरी के लिए
प्रार्थना पत्रकिसी कार्य के लिए
संवेदना पत्रदुःख को व्यक्त करने के लिए

8-मेरे दो प्रश्न पाठ के आधार पर दो सवाल बनाइए-

1-चाचा जी पत्र किसको लिखा ?

2-बच्चों को क्या बताने की बात कर रहे हैं चाचा नेहरू?

9-इस पाठ से-

(क) मैंने सीखा…… छात्र स्वयं करें?

(ख) मैं करूंगी /करूंगा……छात्र स्वयं करें?

यह भी जानिए-

यह भी जानिए –

  • प्राचीन समय में संदेश भेजने के लिए कबूतर, हरकारा का उपयोग किया जाता था। धीरे- धीरे इसका स्थान पोस्टकार्ड, अंतर्देशीय पत्र, तार ने ले लिया। वर्तमान समय में तकनीकी विकास के कारण संदेश भेजना अब और सरल व सुगम हो गया है। कंप्यूटर और मोबाइल फोन के द्वारा इंटरनेट के माध्यम से शीघ्रता से संदेश भेजना संभव हुआ। इसके लिए कंप्यूटर एवं मोबाइल फोन में तरह-तरह की सुविधाएँ (apps) उपलब्ध हैं।
    जैसे:- व्हाट्सएप, मैसेन्जर, हाइक, ट्विटर, फेसबुक आदि ।
  • पत्र को सही स्थान तक पहुँचाने के लिए पिनकोड नंबर का प्रयोग किया जाता है, यह छह अंकों का होता है।


Leave a Comment