Dirgh sandhi in sanskrit दीर्घ सन्धि की परिभाषा व उदाहरण

दीर्घ सन्धि की परिभाषा व उदाहरण

यदि पूर्व पदान्त हृस्व/दीर्घ अ, इ, उ, ऋ, के पश्चात कोई सजातीय वर्ण हो तो पूर्व -पर वर्णों के स्थान पर दीर्घ वर्ण क्रमशः आ, ई, ऊ, ऋ आदेश होगा | Dirgh Sandhi in sanskrit में दीर्घ संधि में ह्रस्व का अर्थ होता है लघु |


दीर्घ संधि सूत्र :- अकः सवर्णे दीर्घः ।

अ + अ = आ। इ + इ = ई
अ + आ = आ। इ + ई = ई
आ + अ = आ . ई + इ = ई
आ + आ = आ. ई + ई = ई
उ + उ = ऊ. ऋ + ऋ = ॠ
उ + ऊ = ऊ, ऋ + ऋ = ॠ
ऊ + उ = ऊ, ऋ + ऋ = ॠ
ऊ + ऊ = ऊ, ऋ + ऋ = ॠ

दीर्घ संधि उदाहरण

दीर्घ संधि में (अ + अ = आ) के उदाहरण :-

हिम + अंशु:=हिमांशु:

दैत्य + अरिः = दैत्यारिः

न + अस्ति = नास्ति

सत्य+ अर्थी = सत्यार्थी

धर्म + अर्थ=धर्मार्थ

स्व+ अर्थ=- स्वार्थ

वेद + अंत=वेदान्त

धर्म + अधर्म=धर्माधर्म

दीर्घ संधि में (अ + आ = आ) के उदाहरण

परम + आनंद: = परमानन्दः

प्रधान + आचार्य: = प्रधानाचार्य:

देव + आगमन = देवागमन

सत्य + आग्रह= सत्याग्रह

देव + आलय=देवालय

गज + आनन= गजानन

हिम + आलय: = हिमालय:

दीर्घ संधि में ( आ + अ = आ) के उदाहरण

शिक्षा + अर्थी=शिक्षार्थी

विद्या + अर्थी=- विद्यार्थी

परीक्षा + अर्थी = परीक्षार्थी

सीमा + अन्त = सीमान्त

यथा + अर्थ = यथार्थ

रेखा + अंकित = रेखांकित

सेवा + अर्थी=सेवार्थी

दीर्घ संधि में (आ + आ = आ) के उदाहरण :

-विद्या + आलय: = विद्यालय:

दया + आनन्दः = दयानन्दः

श्रद्धा + आनंद = श्रद्धानंद

महा + आत्मा = महात्मा

वार्ता + आलाप =वार्तालाप

दीर्घ संधि में ( इ + इ = ई) के उदाहरण

गिरि + इन्द्र:=गिरीन्द्रः

मुनि + इन्द्र: =मुनीन्द्रः

कवि + इन्द्रः=कवीन्द्र:

रवि + इन्द्रः=- रवीन्द्रः

अति + इव=अतीव

दीर्घ संधि में ( इ + ई = ई) के उदाहरण

कपि + ईश:=कपीश:

सति + ईश:=सतीश:

परि + ईक्षा=परीक्षा

मुनि + ईश्वर=मुनीश्वर

हरि + ईश = हरीश:

दीर्घ संधि में ( ई + इ = ई) के उदाहरण

रवी + इन्द्रः = रवीन्द्र:

शची + इन्द्रः =शचीन्द्रः

लक्ष्मी + इच्छा =लक्ष्मीच्छा

पत्नी + इच्छा = पत्नीच्छा

नारी + इन्दु =नारींदु

दीर्घ संधि में ( ई + ई = ई) के उदाहरण

सती + ईश=सतीश

श्री+ ईश:=श्रीश:

रजनी + ईश:=रजनीश:

दीर्घ संधि में ( उ + उ = ऊ) के उदाहरण

लघु + उत्तरम् = लघूत्तरम्

साधु + उक्तम् = साधूक्तम्

विष्णु + उदय: = विष्णूदय:

गुरु+ उपदेश: = गुरूपदेश:

सु+ उक्तिः = सूक्तिः

दीर्घ संधि में (उ + ऊ = ऊ) के उदाहरण

साधु + ऊष्मा = साधूष्मा

लघु+ ऊर्मी=== लघूर्मि

धातु+ ऊष्मा = धातूष्मा

दीर्घ संधि में (ऊ + उ = ऊ) के उदाहरण

वधू + उत्सवः = वधूत्सवः

भानू + उदय: = भानूदयः

भूत+ उत्सर्ग=भूत्सर्ग:

वधू+ उपकार = – वधूपकार

दीर्घ संधि में (ऊ + ऊ = ऊ) के उदाहरण

भू+ ऊर्जा=भूर्जा

भू+ ऊष्मा=भूष्मा

वधू+ ऊर्मी=वधूर्मी

दीर्घ संधि में (ऋ वाले) उदाहरण

पितृ + ऋकारः = पितृकार:

पितृ + ऋणम् = पितॄणम्

मातृ + ऋकारः = मातृकारः

मातृ + ऋणम् = मातॄणम्

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