एक वाक्यांश के लिए एक सार्थक शब्द

एक वाक्य, वाक्यांश या अनेक शब्दों के लिए किसी एक सार्थक शब्द का प्रयोग- उपयोग केवल संक्षिप्तीकरण के लिए ही आवश्यक नहीं है, वरन् भाषा सौष्ठव, भाव- गाम्भीर्य और सुगठित शिल्प की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। इससे भाषा में अनावश्यक विस्तार और शिथिलता नहीं आ पाती है। जिस रीति को हम सूत्र-शैली के नाम से पुकारते हैं, उसका आधार भी ऐसे ही सार्थक शब्द होते हैं। “गागर में सागर भरना” जैसी प्रशंसात्मक उक्ति भी इसी शैली पर सटीक बैठती है। हिन्दी इस प्रकार के शब्द-प्रयोग के लिए भी संस्कृत भाषा की ऋणी है। ऐसे कुछ महत्वपूर्ण शब्द निम्नलिखित हैं-

  • अतिथि– जिसके आने की तिथि ज्ञात न हो
  • अपारदर्शक– जिसके आर पार देखना सम्भव न हो
  • अनाथ– जिसका कोई नाथ न हो
  • आस्तिक– ईश्वर और वेद में आस्था विश्वास रखने वाला
  • अजातशत्रु– जिसका कोई शत्रु न जन्मा हो
  • अण्डज– अण्डे से जन्म लेने वाला
  • अनुज – जो पीछे जन्मा हो, छोटा भाई
  • अग्रज– जिसका जन्म पहले हुआ हो, बड़ा भाई
  • अनिवार्य– जिसका निवारण न किया जा सके
  • अनुपम – जिसके लिए कोई उपमा न हो
  • अकथनीय– जिसे कहा न जा सके
  • अल्पज्ञ– जो कम जानता हो
  • अज्ञ– जो कुछ नहीं जानता हो
  • अग्रशोची – आगे की बात सोच लेने वाला
  • अतीत– जो बीत चुका हो
  • अवश्यंभावी– अवश्य या निश्चित रूप से होने वाला
  • असूर्यपश्या – ऐसे कड़े पर्दे में रहने वाली की सूर्य को भी न देख सके
  • अदृश्य– जो देखा न जा सके
  • अतिशयोक्ति– बहुत बढ़ा चढ़ा कर कहना
  • असंभव– जो हो ही नहीं सकता
  • अल्पभाषी– बहुत कम बोलने वाला
  • अश्वारोही– जो घोड़े पर सवार है या घुड़सवार
  • आशातीत– आशा से बहुत अधिक
  • आगत– जो आया हुआ हो
  • अभिनेत्री– जो अभिनय करती हो
  • अभिनेता– जो अभिनय करता हो
  • अवैतनिक-बिना बेतन के
  • अवैध– विधि के विरुद्ध
  • अलौकिक– लोक से परे का या जो लोक में सम्भव न हो
  • आपादमस्तक– पैर से लेकर सिर तक
  • आलोच्य– आलोचना के योग्य या जिसकी आलोचना की जा रही हो
  • अखाद्य – जो खाने के योग्य न हो
  • आद्योपांत– आदि से अंत तक
  • अनायास– बिना प्रयास के
  • अनावृष्टि– वर्षा का अभाव
  • अतिवृष्टि– अत्याधिक वर्षा
  • आलोचक– जो पुस्तक आदि की आलोचना करता हो
  • अप्रत्याशित– जिसकी आशा न की गयी हो
  • अपरिमित– जो मापा न जा सके
  • अप्रमेय– जो प्रमाण से सिद्ध न हो
  • आजीवन– जीवन भर
  • आमरण– मरण तक
  • अद्वितीय– जिसके समान कोई दूसरा न हो
  • अचिन्त्य– जो चिंता के योग्य न हो
  • अनिर्वचनीय– जो शब्दों में व्यक्त न किया जा सके
  • आजानुबाहु – जिसके हाथ घुटनों तक पहुँचते हो
  • अन्यमनस्क– वर्तमान विषय को छोड़कर जिसका मन कहीं दूसरी ओर लगा हो
  • अगोचर– जिसे इन्द्रियों के द्वारा समझा न जा सके
  • अजेय– जिसे कोई जीत न सके
  • आकाशवृत्ति– जिसकी जिविका निश्चित न हो
  • आत्मघाती – अपनी हत्या करने वाला
  • अध्यात्म– आत्मा से संबंधित
  • अभेद्य– जिसकी भेदन या छेदन न किया जा सके
  • अग्रणी – जो सबसे आगे रहे
  • अविनाशी – जो कभी नष्ट न होने वाला हो
  • अविवाहित– जिसका अभी विवाह न हुआ हो
  • अलभ्य– जिसे कभी प्राप्त न किया जा सके
  • असाध्य– जिसका उपचार सम्भव न हो
  • अग्रगण्य– जो सर्वप्रथम गणना के योग्य हों
  • असम-जो समतल न हो
  • अमर– जो कभी मरे नहीं
  • अविभक्त – जिसका विभाजन न किया जा सके
  • अपेय – जो पीने योग्य न हो
  • अतीन्द्रिय– जो इद्रियो से अनुभव न किया जा सके
  • आक्रान्त– जिस पर हमला किया गया हो
  • अनन्य – जिसका दुसरे से संबंध न हो
  • अवध्य – जिसका वध अनुचित हो
  • अदूरदर्शी – जिसमें दूर की बात सोचने की योग्यता न हो
  • अपव्ययी – जो फिजूल खर्च करता हो
  • अनावृत – जो आवृत्त न हो, ढका न हो, खुला हुआ हो
  • अनिरूद्ध – जो रोका न गया हो
  • अधित्यका – पहाड़ के ऊपर की समतल भूमि
  • अपरिहार्य – जिसका त्याग न किया जा सके
  • अगणित – जिसकी गणना न की जा सके
  • अनुरक्त – जिसका किसी के प्रति गहरा लगाव हो
  • अर्धवार्षिक – छह माह में एक बार होने वाला
  • अन्त:पुर – प्रासाद के अन्दर का भाग रनिवास
  • अधिकृत – जिस पर किसी ने अधिकार प्राप्त कर लिया हो
  • अंतेवासी – गुरु के पास रहने वाला शिष्य
  • अनाक्रान्त – जिस पर आक्रमण न किया हुआ हो
  • अंतेवासी – गुरु के पास ही रहने वाला शिष्य
  • अनाक्रान्त– जिस पर आक्रमण न किया हुआ हो
  • अनुत्तरित– ऐसा प्रश्न जिसका उत्तर नहीं दिया गया हो
  • अन्तरिक्ष – पृथ्वी और स्वर्ग लोक के बीच का स्थान
  • अन्त्यज – जिसका जन्म नीची जाति में हुआ हो
  • अतुलनीय – जिसकी किसी से तुलना न की जा सके
  • अंधविश्वास– बिना सोचे समझे विश्वास करने वाला
  • अकाट्य– जिसको काटा न जा सके
  • अगाध– जो बहुत गहरा हो
  • अज्ञात – जिसे जाना न जा सके
  • अधोहस्ताक्षरी – जिसने नीचे हस्ताक्षर किए हो
  • अनार्य – जो श्रेष्ठ गुणो से रहित हो
  • अश्लील – जो पढने सुनने देखने में घृणास्पद या लज्जास्पद हो
  • आदिवासी – किसी देश के प्राचिन मूल निवासी
  • आत्मकथा – अपने जीवन की स्वरचित कथा
  • इच्छित – जिसकी इच्छा की गयी हो

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