Gunin Shabd Roop in Sanskrit गुणिन् शब्द रूप

गुणिन् शब्द रूप

गुणिन् (गुणी ) एक नकारान्त संज्ञा वाचक विशेषण शब्द है | गुणिन् शब्द के शब्द रूप तीनों लिंगों में एक समान चलते हैं। आज हम गुणिन् शब्द रूप के शब्द रूपों का अध्ययन करेंगे | यह शब्द रूप राजन् के शब्द रूपों से काफी मिलते जुलते है । अत: गुणिन् के शब्द रूप राजन् के समान ही होते हैं ।

Gunin Shabd Roop in Sanskrit शब्द रूप


विशेष :- मैंने अनेकों जगह देखा कि ‘गुणिन्’ शब्द के ‘षष्ठी बहुवचन’ को गलत लिखा गया है, हमेशा याद रखे कि षष्ठी बहुवचन में ‘ण’ में ‘ई’ की मात्रा का ही प्रयोग करना चाहिये अर्थात् “गुणिनाम्” गलत है तथा “गुणीनाम्” सही शब्द रूप है | गुणिन् एक विशेषण वाचक शब्द है अत: इसमें सात विभक्तियों के आलावा संबोधन भी होता है ।

गुणिन् शब्द रूप

विभक्तिएकवचनम् द्विवचनम्बहुवचनम्
प्रथमागुणीगुणिनौगुणिन:
द्वितीयागुणिनम्

गुणिनौ

गुणिन:
तृतीयागुणिना
गुणिभ्याम्
गुणिभिः
चतुर्थीगुणिने
गुणिभ्याम्
गुणिभिः
पञ्चमीगुणिन:
गुणिभ्याम्
गुणिभ्य:
षष्ठी गुणिन:
गुणिनो:
गुणीनाम्
सप्तमीगुणिनि
गुणिनो:
गुणिषु
सम्बोधन हे गुणिन् !हे गुणिनौहे-गुणिन: !

सुभाषितानि

लता (आकारान्त स्त्रीलिंग) शब्द रूप

दुर्गापूजा (Durga-Pooja) – षोडशः पाठ:

सम्बन्धित प्रश्न


इन शब्द रूपों में से अशुद्धिसंशोधन से सम्बन्धित प्रश्न पूछे जाते हैं, उदाहरण के रूप में कुछ प्रश्न आपके सामने प्रस्तुत कर रहा हूँ।

1..”गुणीनाम्” में कौनसी विभक्ति का प्रयोग हुआ है ?
(अ) सप्तमी
(ब) द्वितीया
(स) षष्ठी
(द) तृतीया

2.”गुणिन्” शब्द की सप्तमी द्विवचन का रूप क्या होगा ?
(अ) गुणीनाम्
(ब) गुणिनि
(स) गुणिभ्याम्
(द) गुणिनो:

3.”गुणिन्” शब्द की तृतीया एकवचन का रूप क्या होगा ?
(अ) गुणिभि:
(ब) गुणिन:
(स) गुणिनम्
(द) गुणिना

4.”गुणिने ” में कौनसा वचन है ?
(अ) षष्ठी बहुवचन
(ब) प्रथमा बहुवचन
(स) चतुर्थी एकवचन
(द) प्रथमा द्विवचन


इस प्रकार के प्रश्न प्रतियोगिता परीक्षाओं व board
exams में पछे जाते हैं ।

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