Hindi bhasha varnmala हिंदी भाषा एवं वर्णमाला

भाषा

भाषा भाव-सम्प्रेषण का सशक्त माध्यम है। भाषा के माध्यम से हम अपने भाव एवं विचारों को दूसरों के सामने व्यक्त कर सकते हैं तथा दूसरों के भाव एवं विचारों को समझ सकते हैं

भाषा शब्द संस्कृत की ‘भाष्’ धातु से बना है, जिसका अर्थ है-वाणी को प्रकट करना। प्रत्येक देश की अपनी पृथक् भाषा होती है। हमारी भाषा हिन्दी है।

भाषा के अंग

भाषा के प्रमुख अंग निम्नलिखित हैं

1.वर्ण

भाषा की सबसे छोटी इकाई वर्ण कहलाती है। इसके खण्ड नहीं किए जा सकते; जैसे-अ, इ, उ, क्, च्, ट्, त्, तथा प्।

2.शब्द

सार्थक वर्ण समूह द्वारा शब्दों का निर्माण होता है

जैसे—क + म + ल = कमल,
 ब + र + ग + द = बरगद,
स + र + ग + म = सरगम।

3.वाक्य

वाक्य भाषा की सबसे बड़ी इकाई है। वाक्य ही विचार अभिव्यक्ति का सबसे महत्त्वपूर्ण साधन हैं;

जैसे— “हिन्दी हमारी मातृभाषा है।”

हिन्दी भाषा का विकास

विश्व में लगभग 3000 भाषाएँ बोली जाती हैं। हिन्दी उनमें से एक है। हिन्दी का सम्बन्ध भारोपीय कुल से है। हमारी प्राचीन भाषा देववाणी संस्कृत है, जो उत्तरोत्तर पालि, प्राकृत, अपभ्रंश और अवहट्ठ के रूप में परिवर्तित हुई। उसी की एक शाखा शौरसेनी अपभ्रंश से हिन्दी का उद्भव माना जाता है। हिन्दी के साथ-साथ पंजाबी, गुजराती, मराठी, उड़िया, बांग्ला आदि भाषाएँ भी अपभ्रंशों की भिन्न शाखाओं से जन्मी हैं; जैसे-

  • शौरसेनी अपभ्रंश .- पश्चिमी हिन्दी, राजस्थानी, गुजराती
  • अर्द्धमागधी अपभ्रंश – पूर्वी हिन्दी
  • मागधी अपभ्रंश – बिहारी, उड़िया, बांग्ला, असमिया
  • ब्राचड़ अपभ्रंश – सिन्धी
  • महाराष्ट्री अपभ्रंश – मराठी
  • खस अपभ्रंश – पहाड़ी
  • पैशाची अपभ्रंश -लहँदा और पंजाबी

14 सितम्बर, 1949 को हिन्दी को संविधान के अनुच्छेद-343 में राजभाषा का दर्जा दिया गया है। प्रतिवर्ष 14 सितम्बर को हिन्दी दिवस मनाया जाता है।

हिन्दी भाषा की उपभाषाएँ एवं बोलियाँ

बोली सीमित क्षेत्र में बोली जाती है और जब बोली का क्षेत्र विस्तृत हो जाता है, तब वह उपभाषा कहलाती है। जब उपभाषा परिमार्जित होकर सर्वमान्य हो जाती है, तो वह भाषा कहलाती है। हिन्दी भाषा की 5 उपभाषाएँ और 17 बोलियाँ हैं। इनका परिचय निम्नवत् है

हिंदी की उपभाषाएं बोलियां एवं उनसे संबंधित राज्य

उपभाषाबोलियाँसंबंधित राज्य
पश्चिमी हिन्दी कौरवी/खड़ी बोली ,हरियाणवी, ब्रजभाषा ,बुंदेली , कन्नौजीहरियाणा ,उत्तर प्रदेश
पूर्वी हिन्दी अवधी, बघेली ,छत्तीसगढ़ीमध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश
राजस्थानीपश्चिमी राजस्थानी- मारवाड़ी पूर्वी राजस्थानी – जयपुरी उत्तरी राजस्थानी – मेवाती दक्षिणी राजस्थानी – मालवीराजस्थान
पहाड़ी कमाऊँनी, गढ़वाली उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश
बिहारीभोजपुरी, मैथिली, मगही बिहार, उत्तर प्रदेश

लिपि

मुख से निकली ध्वनियों के लिखित चिह्नों को लिपि कहते हैं। हिन्दी की लिपि देवनागरी है। देवनागरी की उत्पत्ति ‘ब्राह्मी लिपि’ से हुई है।

व्याकरण

व्याकरण (वि + आ + करण) शब्द का अर्थ है- भली-भाँति समझना अर्थात् भाषा के शुद्ध प्रयोग और उसके नियमों की व्याख्या करने वाला शास्त्र व्याकरण कहलाता है। व्याकरण द्वारा हम भाषा को शुद्ध एवं मानक रूप में बोलना, समझना, लिखना तथा पढ़ना सीखते हैं।

वर्णमाला

वर्णों के व्यवस्थित समूह को वर्णमाला कहते हैं। इसमें 52 वर्ण होते हैं, जिसमें 11 स्वर, 33 व्यंजन, 2 उत्क्षिप्त व्यंजन, 4 संयुक्त व्यंजन तथा 2 अयोगवाह होते हैं; जो निम्नलिखित हैं

वर्णों की सूची

  1. स्वर =अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ए, ऐ, ओ, औ (11)
  2. व्यंजन = क, ख, ग, घ, ङ, च, छ, ज, झ, ञ, ट, ठ, ड, ढ, ण, त, थ, द, ध, न, प, फ, ब, भ, म, य, र, ल, व, श, ष, स, ह (33)
  3. उत्क्षिप्त व्यंजन = ड़, ढ (2)
  4. संयुक्त व्यंजन = क्ष, त्र, ज्ञ, श्र (4)
  5. अयोगवाह = अं, अः (2)

वर्णमाला के प्रकार

हिन्दी वर्णमाला दो भागों में विभक्त है

  1. स्वर
  2. स्वर
  3. व्यंजन

जिन वर्णों का उच्चारण बिना किसी अवरोध तथा बिना अन्य वर्ण की सहायता किया जाता है, वे स्वर कहलाते हैं। ये चार प्रकार के होते हैं, इनका वर्गीकरण निम्नवत् है


(i) ह्रस्व स्वर

जिन स्वरों के उच्चारण में न्यूनतम समय लगता है, वे ह्रस्व स्वर कहलाते हैं। ह्रस्व स्वरों की संख्या 4 हैं-अ, इ, उ तथा ऋ ।

(ii) दीर्घ स्वर

जिन स्वरों के उच्चारण में ह्रस्व स्वरों की अपेक्षा अधिक समय लगता है, वे दीर्घ स्वर कहलाते हैं-आ, ई, ऊ, ए, ऐ, ओ, औ दीर्घ स्वर है |

(iii) संयुक्त स्वर

ह्रस्व व दीर्घ स्वरों का मिश्रित रूप संयुक्त स्वर है, इन्हें सन्धि स्वर भी कहते हैं। ये स्वर, ए, ऐ, ओ तथा औ हैं।

ह्रस्व एवं दीर्घ स्वरों से संयुक्त स्वर बनाना

अ + इ = एआ + इ = एआ + ई = ए
अ + ए = ऐआ + ए = ऐआ + ऐ = ऐ
अ + उ = ओआ + उ = ओआ + ऊ = ओ
अ + ओ = औआ + ओ = औआ + औ = औ

(iv) प्लुत स्वर

जिन स्वरों के उच्चारण में 3 मात्रा का समय लगे, उसे प्लुत स्वर कहते हैं। इसका चिह्न ‘ऽ’ है। वैसे अब यह स्वर चलन में नहीं है। ओऽम् आदि लिखने या किसी के नाम को देर तक एक ही लय में पुकारे जाने में इस स्वर का प्रयोग होता है।

स्वरों का वर्गीकरण एवं उच्चारण स्थान

वर्ण नामउच्चारण स्थानह्रस्व स्वरदिर्घ स्वरनिरानुनासिक/मौखिक स्वरअनुनासिक स्वर
कण्ठयकण्ठअ, आअँ, आँ
तालव्यतालु(मुंह के भीतर की छत का पिछला भाग)इँ
मूर्धन्यमूर्धा(मुंह के भीतर की छत का अगला भाग)
कण्ठ+तालु (कण्ठतालव्य)ए-ऐ
ओष्ठ+कण्ठ (कण्ठओष्ठय)ओ-औ
ओष्ठ्यओष्ठ/ओठ

2 .व्यंजन


जिन वर्णों का उच्चारण स्वरों की सहायता से किया जाता है, वे व्यंजन कहलाते हैं। ये छ: प्रकार के होते हैं। इनका वर्गीकरण निम्नवत् है

स्पर्श व्यंजन-इनकी संख्या 25 है; जैसे—क, ख, ग, घ, ङ, च, छ, ज, झ, ञ, ट, ठ, ड, ढ, ण, त, थ, द, ध, न, प, फ, ब, भ, म।

(ii) अन्तःस्थ व्यंजन-इनकी संख्या 4 है; जैसे—य, र, ल, व।
(iii) ऊष्म व्यंजन —इनकी संख्या 4 है; जैसे—श, ष, स, ह।
(iv) संयुक्त व्यंजन-इनकी संख्या 4 है; जैसे—क्ष, त्र, ज्ञ, श्र। ये क् + ष = क्ष, त् + र = त्र, ज् + ञ = ज्ञ, श् + र = श्र के योग से बनते हैं।

(v) उत्क्षिप्त व्यंजन -इनकी संख्या 2 है; जैसे—ड़, ढ़।
(vi) नासिक्य व्यंजन — प्रत्येक वर्ग का पंचम वर्ण नासिक्य व्यंजन होता है।

वर्ण नामउच्चारण स्थानअघोष अल्पप्राणअघोष महाप्राणसघोस अल्पप्राण सघोष महाप्राणसघोष अल्पप्राण नासिक्य
कण्ठयकण्य
तालव्यतालु( मुंह के भीतर की छत का पिछला भाग)
मूर्धन्य मूर्धा(मुंह के भीतर छत का अगला भाग)
दन्त्यऊपरी दांतों के निकट से
ओष्ठयदोनों ओठ सेप,फ
तालव्यतालु(मुंह के भीतर छठ का अगला भाग)
वत्स्यदन्त+मसूड़ा(दन्त मूल से)र,ल
दन्त्योष्ठयऊपर के दांत+निचला ओठ
मूर्धन्यमूर्धन्य(भीतर की छत का अगला भाग)
स्वरयांत्रीयस्वर यंत्र(कण्ठ के भीतर स्थित)
उत्क्षिप्तजिनके उच्चारण में जीव ऊपर उठकर झटका के साथ नीचे को आएड़ढ़

परीक्षोपयोगी प्रश्न

  1. विश्व में लगभग कितनी भाषाएँ बोली जाती हैं?

    ( 3000 •)
  2. हिन्दी का सम्बन्ध किस कुल से है?

    (भारोपीय कुल)
  3. हिन्दी का उद्भव हुआ है
    (अपभ्रंश से)
  4. हिन्दी की लिपि है
    ( देवनागरी)
  5. हिन्दी के उद्भव का सही क्रम है
    (पालि, प्राकृत, अपभ्रंश, अवहट्ठ ●)
  6. शौरसेनी अपभ्रंश से किस उपभाषा का विकास
    हुआ?

    ( राजस्थानी)
  7. बिहारी भाषा का विकास किस अपभ्रंश से
    हुआ?

    (d) मागधी
  8. सीमित क्षेत्र में बोली जाने वाली भाषा कहलाती
    है

    ( बोली)
  9. वर्ण, शब्द तथा वाक्य हैं
    (a) भाषा के अंग ●
  10. हिन्दी को राजभाषा का दर्जा मिला

    (14 सितम्बर, 1949 )
  11. हिन्दी दिवस मनाया जाता है (14 सितम्बर)
  12. भाषा की सबसे छोटी इकाई है
    ( वर्ण )
  13. व्याकरण और वर्तनी की दृष्टि से शुद्ध भाषा है

    (मानक भाषा •)
  14. जिन वर्णों के उच्चारण बिना अन्य वर्ण की
    सहायता के हों, उन्हें कहते हैं

    ( स्वर •)
  15. हिन्दी वर्णमाला में वर्णों की संख्या है

    (52 )
  16. हिन्दी वर्णमाला में व्यंजनों की संख्या कितनी है?

    ( 33 )
  17. ‘ज्ञ’ वर्ण किन वर्णों के संयोग से बना है?

    ( ज् + ञ )
  18. ‘घ’ का उच्चारण स्थान कौन-सा है?

    ( कण्ठ ,)
  19. निम्नलिखित में से संयुक्त व्यंजन कौन-सा है?
    ( ज्ञ •)
  20. निम्नलिखित में से कौन-सा वर्ण उच्चारण की
    दृष्टि से दन्त्य नहीं है?

    ( ट )
  21. निम्नलिखित में से कौन-सा कण्ठ्य वर्ण है? (आ)
  22. निम्नलिखित में से अघोष वर्ण कौन-सा है?

    ( स)
  23. इनमें से कौन-सा वर्ण स्वर है?
    (ऐ)
  24. ‘क्ष’ वर्ण किसके योग से बनता है?
    (क् + ष,)
  25. निम्नलिखित में से अन्तःस्थ व्यंजन कौन-सा है?

    (य .)

रस के प्रकार स्थायी भाव, रस और-भाव

प्रत्यय परिभाषा, भेद और उदाहरण : हिन्दी व्याकरण,

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