कक्षा 6 हमारा इतिहास और नागरिक जीवन class 6 hamara itihaas aur nagrik jivan

इतिहास क्रम संख्या पाठ्य 1. कैसे पता करें कब क्या हुआ था (इतिहास जानने के स्रोत) 2. पाषाण काल (आखेटक संग्राहक एवं उत्पादक मानव) 3. नदी घाटी की सभ्यता – हड़प्पा सभ्यता 4. वैदिक काल 5. छठी शताब्दी ईसा पूर्व का भारत धार्मिक आंदोलन 6. महाजनपद की ओर 7. मौर्य साम्राज्य 8. मौर्योत्तर काल में … Read more

पाठ -12 दक्षिण भारत Dakshin Bharat

दक्षिण भारत “दक्षिण भारत की प्रारम्भिक जानकारी हमें सम्राट अशोक के अभिलेखों तथा संगम साहित्य से प्राप्त होती है। संगम साहित्य में हमें दक्षिण के तीन राज्यों चेर, चोल तथा पांड्य राज्यों का वर्णन मिलता है। छठी से ग्यारहवी शताब्दी के मध्य दक्षिण भारत में कुछ नवीन राज्यों का उदय हुआ।” विंध्य पर्वत तथा नर्मदा … Read more

पाठ -11राजपूत काल (सातवीं से ग्यारहवीं शताब्दी)Rajput kal

“सम्राट हर्ष की मृत्यु के बाद भारत में एक शक्तिशाली केन्द्रीय शक्ति का अभाव हो गया। केन्द्रीय शक्ति के अभाव में छोटे-छोटे राज्यों का अभ्युदय हुआ। इन सभी राज्यों के संस्थापक प्रायः राजपूत थे। राजपूत सत्ता के लिए आपस में संघर्ष करते रहते थे। राजपूतों की उत्पत्ति-राजपूत राजवंशों का उदय सातवीं शताब्दी से ही दिखाई … Read more

पाठ 10 पुष्यभूति वंश Pushyabhuti vansh

संगम नगरी इलाहाबाद (प्रयागराज) में माघ के महीने में माघ मेला, कुम्भ एवं महाकुम्भ का पर्व मनाया जाता है। इसमें दूर-दूर से लोग आते हैं। आज से लगभग चौदह सौ वर्ष पूर्व हर्षवर्धन नाम के राजा भी यहाँ प्रति पाँचवें वर्ष आकर धर्म सभा करवाते थे। यहाँ वह अपनी पाँच वर्ष की संचित सम्पत्ति का … Read more

पाठ 9 गुप्तकाल guptkal

गुप्तकाल “दिल्ली में स्थित मेहरौली लौह स्तम्भ में चन्द्र नामक शासक की विजयों का वर्णन है। इस चन्द्र नामक शासक की पहचान इतिहासकार गुप्तवंश के शासक चन्द्रगुप्त द्वितीय से करते है। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि आज लगभग 1600 साल बीत जाने के बाद भी इस लौह स्तम्भ में जंग नहीं लगा है। इससे गुप्तकाल … Read more

पाठ 8 मौर्योत्तर काल में भारत की स्थिति व विदेशियों से संपर्क Maurya Uttar kal

हम अपने परिचितों, रिश्तेदारों आदि के घर जाते हैं। प्रायः हम इनसे रहन-सहन, तौर-तरीके, भोजन आदि सम्बन्धी अच्छी बातें सीख लेते हैं। इसी प्रकार एक देश से दूसरे देश को जाने वाले लोग भी एक-दूसरे से बहुत कुछ सीख लेते हैं। भारत में भी जब विदेशी लोग आए और यहाँ शासन किया तब उनसे हमने … Read more

पाठ 7 मौर्य साम्राज्य Maurya samrajya

मौर्य साम्राज्य आप आजकल के प्रचलित सिक्कों को ध्यान से देखिए । इसके एक ओर पीठ से पीठ सटाए हुए चार सिंह बैठे हैं। ये सिंह अशोक के सारनाथ स्तम्भ से लिए गए हैं। अशोक जिस वंश का शासक था वह वंश था- मौर्य वंश । बौद्ध स्रोतों के अनुसार नन्द वंश के शासक धननन्द … Read more

पाठ 6 महाजनपद की ओर mahajanpad

आप जानते हैं कि आपका जनपद (जिला) कई तहसीलों से मिलकर बना है। कई जनपदों से मिलकर आपका प्रदेश बना है। इसी प्रकार प्राचीन काल में छोटे-छोटे जनपद मिलकर महाजनपद बन गए। जन से जनपद वैदिक काल में किसी कुल, जनजाति या लोगों के समूह को जन कहा जाता था । प्रत्येक जन का राजा … Read more

पाठ 5 छठी शताब्दी ई0 पू0 का भारत धार्मिक आन्दोलन Bharat dharmik aandolan

छठी शताब्दी ई०पू० में छोटे-छोटे जनपद बड़े राज्य बनने की होड़ में संघर्ष करते रहते थे। इससे प्रजा अपने को असुरक्षित महसूस करने लगी थी। पुराने समय में जन के लोग एक दूसरे की मदद एवं आपस में भरोसा करते थे। ऐसी बातें अब समाप्त हो चली थीं। अब ज्यादा से ज्यादा पैसा कमाने के … Read more

पाठ 3 नदी घाटी की सभ्यता- हड़प्पा सभ्यता hadappa sabhyata

हड़प्पा सभ्यता आज कुछ लोग गाँवों में रहते हैं तो कुछ नगरों (शहरों) में। दोनों ही जगह के रहन-सहन में कुछ-कुछ समानताएँ होती हैं तो कुछ अन्तर भी । क्या आपको पता है कि आज से लगभग ढाई हजार वर्ष पूर्व भी भारत में नगर थे। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि इन प्राचीन नगरों … Read more

पाठ-2 पाषाण काल(आखेटक संग्राहक एवं उत्पादक मानव) pashan kal

पाषाण काल घर हमें जाड़े से, गर्मी से, तथा बारिश से सुरक्षा प्रदान करता है। इसमें रहकर हम अपने सभी कार्यों को भली-भाँति कर लेते हैं किन्तु एक समय ऐसा भी था जब मनुष्य घर बनाना नहीं जानते थे। तब वे जंगलों में रहते थे। जंगली जानवरों से अपनी सुरक्षा तथा उनका शिकार करने के … Read more

पाठ 1 कैसे पता करें कब क्या हुआ था (इतिहास जानने के स्रोत) itihaas janne ke strot

इतिहास जानने के स्रोत परिवार की पुरानी बातें हम दादा-दादी, नाना-नानी की बातों से जानते हैं। समाचार पत्र, पत्रिका टी०वी० और रेडियो से भी हमें जानकारी मिलती है। सोचो! अगर हमें आज से हजारों वर्ष पहले के लोगों के रहन-सहन के बारे में जानना हो तो हम कैसे जानेंगे ? हजारों वर्ष पहले के लोगों … Read more

ऐतिहासिक स्रोत

इतिहास, अतीत को जानने का एक साधन है। किसी समाज या राष्ट्र के इतिहास के अध्ययन के द्वारा हम उस समाज या राष्ट्र के अतीत के बारे में जान सकते हैं। अतीत का तात्पर्य यह है कि उस राष्ट्र की संस्कृति और सभ्यता से है। किसी भी देश अथवा राष्ट्र की अस्मिता की पहचान उसकी … Read more

वैदिक काल

आर्यों का मूल निवास स्थान विद्वान कश्मीर अथवा हिमालय क्षेत्र एल.डी. कल्ल ब्रह्मर्षि देश पं. गंगानाथ झा सप्त-सैंधव प्रदेश डॉ. अविनाश चंद्र दास देविका प्रदेश (मुल्तान डी. एस. त्रिवेदी दक्षिणी रूस गार्डन चाइल्ड मध्य एशिया मैक्स मूलर उत्तरी ध्रुव पं. बाल गंगाधर तिलक तिब्बत स्वामी दयानंद सरस्वती जर्मनी हर्ट एवं पेन्का हंगरी गाइल्स ऋग्वैदिक काल … Read more