Jal ke shabd roop जल के शब्द रूप

Jal ke shabd roop जल के शब्द रूप

जल पानी एक अकारान्त नपुंसक लिंग शब्द है | आज हम जल के शब्द रूप के बारे में इस लेख में पढ़ेंगे | इस blog में मैंने जल के शब्द रूप सातों विभक्तियों में विस्तारपूर्वक बताने का प्रयास किया हैl

जल के शब्द रूप

अधिकांशतया 6, 7, 8, 9, 10 कक्षा के विद्यार्थियों को अकारान्त नपुंसकलिंग के बारे में कक्षा व परीक्षाओं में पूछा जाता है | इसलिए विद्यार्थियों की सहायता के लिए अकारान्त नपुंसक लिंग जल के शब्द रूप
लिखे है |

विभक्तिएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमा
जलम्
जले
जलानि
द्वितीया
जलम्
जले
जलानि
तृतीया
जलेन
जलाभ्याम्
जलैः
चतुर्थी
जलाय
जलाभ्याम्
जलेभ्य:
पञ्चमी
जलात्
जलाभ्याम्
जलेभ्य:
षष्ठीजलस्य
जलयोः
जलानाम्
सप्तमीजलेजलयोःजलेषु
विभक्तिएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमाफलम्
फले
फलानि
द्वितीयाफलम्
फले
फलानि
तृतीयाफलेन
फलाभ्याम्

फलैः
चतुर्थीफलाय
फलाभ्याम्
फलेभ्यः
पञ्चमीफलात्
फलाभ्याम्
फलेभ्यः
षष्ठीफलस्य
फलयोःफलानाम्
सप्तमीफलेफलयोःफलेषु

विशेष –

सभी अकारान्त नपुंसकलिंग संज्ञा के शब्द रूप जल शब्द रूप के समान ही बनते है |

अकारान्त नपुंसकलिंग के शब्द कौन-कौन से होते है ?

फलम्, चित्रम्, पत्रम्, पर्णम् (पत्ता), व्यजनम् पंखा, वातायनम् खिड़की, भवनम्, वाहनम्, यानम्, वस्त्रम्, पुस्तकम् इत्यादि ।

इन सभी शब्दों के भी शब्द रूप जल के शब्द रूप की तरह ही बनेंगे, क्योंकि ये सभी शब्द अकारान्त नपुंसकलिंग शब्द हैं | मै आशा करता हूँ कि मेरे द्वारा लिखे गए जल व फल के शब्द रूप आपके लिए काफी उपयोगी होंगे ।

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