Kriya क्रिया अध्याय 10-(verb)

परिभाषा :

जिन शब्दों से कार्य के होने या करने का बोध हो उन्हें क्रिया कहते हैं;

जैसे- रोना, दौड़ना, लिखना, पढ़ना आदि ।

धातु

क्रिया का मुक्त रूप धातु कहलाता है; जैसे- पढ़, लिख, दौड़ आदि ।

क्रिया के भेद

कर्म के आधार पर क्रिया दो प्रकार की होती है-

1.सकर्मक क्रिया

2.अकर्मक क्रिया

सर्कमक क्रिया

जिन क्रियाओं का प्रभाव, कर्ता पर न पड़ पर कर्म पर पढ़ता है, वह सकर्मक क्रिया कहलाती है जैसे

  • राधा पुस्तक पढ़ रही है।
  • पूजा गीत गा रही है

इस वाक्य में पुस्तक और गीत कर्म हैं, पढ़ने का कार्य राधा तथा गाने का कार्य पूजा कर रही है और प्रभाव पुस्तक और गीत कर्म पर पड़ रहा है।

2.अकर्मक क्रिया –

जिन क्रियाओं में कार्य तथा फल दोनों कर्ता पर ही पड़े, उन्हें अकर्मक क्रिया कहते हैं;


जैसे – गीता सोती है।
वह दौड़ता है।


यहाँ सोने तथा दौड़ने दोनों का प्रभाव क्रमशः कर्ता ‘गीता’ तथा ‘वह’ पर पड़ रहा है। सकर्मक क्रिया दो प्रकार की होती है।

(क) एककर्मक क्रिया
(ख) द्विकर्मक क्रिया


(क) एककर्मक क्रिया –

जिन क्रियाओं में एक कर्म होता है, उन्हें एककर्मक क्रिया कहते हैं; जैसे – वह पत्र लिख रहा है। रोहित खाना खा रहा है।


(ख) द्विकर्मक क्रिया –

वह सकर्मक क्रिया जिसके दो कर्म होते हैं, द्विकर्मक क्रिया कहलाती है;

जैसे- मोहन के कुत्ते को पानी पिलाया।

उसने अपनी बहन को पुस्तक दी।


इनमें ‘पिलाना’ क्रिया कुत्ते तथा ‘पानी’ दो कर्म और देना क्रिया और पुस्तक तथा बहन दो कर्म हैं।

सकर्मक और अकर्मक क्रियाओं की पहचान

सकर्मक और अकर्मक क्रियाओं की पहचान के लिए क्रिया के पूर्व ‘क्या’ अथवा ‘किसको’ लगाकर प्रश्न करने पर यदि उत्तर आता है, तो वह सकर्मक क्रिया होगी और यदि कोई उत्तर नहीं आता है, तो वह अकर्मक क्रिया होगी।

जैसे – वंदना ने कहानी लिखी।
प्रश्न – वंदना क्या लिखती है?
उत्तर – कहानी। इस प्रकार यह सकर्मक क्रिया है।


संरचना की दृष्टि से क्रिया के भेद

संरचना की दृष्टि से क्रिया के चार भेद होते हैं-

  1. संयुक्त क्रिया
  2. प्रेरणार्थक क्रिया
  3. नामधातु क्रिया
  4. पूर्वकालिक क्रिया

1.संयुक्त क्रिया

वे क्रियाएँ जो संयुक्त रूप में कार्य करती हैं, उन्हें संयुक्त क्रियाएँ कहते हैं;

1.जैसे कुत्ता भौंक चुका।
2.राजू ने सुन लिया।
3. वह चुपचाप चला गया।

ऊपर दिए गए वाक्यों में रेखांकित शब्द संयुक्त क्रियाएँ हैं, क्योंकि ये क्रियाएँ संयुक्त रूप में प्रयुक्त हुई

2.प्रेरणार्थक क्रिया

जिन क्रियाओं से यह पता चलता है कि कर्ता स्वयं काम न करके किसी दूसरे काम को करने के लिए प्रेरित कर रहा है, उन्हें प्रेरणार्थक क्रियाएँ कहते हैं; जैसे-

1.मालिक नौकर से खाना बनवाता है।
2.वह माली से पौधे लगवाता है।

ऊपर दिए गए वाक्यों में रंगीन शब्द प्रेरणार्थक क्रियाएँ हैं, क्योंकि ये क्रियाएँ स्वयं न काम करके दूसरों से कार्य करने के लिए प्रेरित कर रही है।

3. नामधातु क्रिया –

संज्ञा, सर्वनाम और विशेषण बनाने वाली क्रियाएँ नामधातु क्रियाएँ कहलाती हैं; जैसे –

रंग-रँगना, गरम-गरमाना, झूठ-झूठलाना आदि।

4.पूर्वकालिक क्रिया

जो क्रिया मुख्य क्रिया से पूर्व प्रयुक्त होती है, उसे पूर्वकालिक क्रियाएँ कहते हैं; जैसे-

बच्चा खेलकर सो गया। 
विशाल कुत्ते को देखकर डर गया।


इन वाक्यों में ‘खेलकर’ और ‘देखकर’ पूर्वकालिक क्रियाएँ हैं।

सर्कमकअर्कमक प्रेरणार्थक
पकनापकानापकवाना
चाटनाचटानाचटवाना
जीतनाजीतानाजीतवाना
लेटनालिटानालिटवाना
डरनाडरानाडरवाना
सर्कमकअर्कमकप्रेरणार्थक
सोनासुलानासुलवाना
पीनापिलानापिलवाना
कूदनाकूदानाकुदवाना
उड़नाउड़ानाउडवाना
जागनाजगानाजगवाना

याद रखने योग्य बातें

  • जिन शब्दों से कार्य के होने या करने का बोध हो, उन्हें क्रिया कहते हैं।
  • क्रिया के दो भेद होते हैं- 1. सकर्मक क्रिया 2. अकर्मक क्रिया।
  • जिन क्रियाओं का फल कर्ता पर न पड़कर कर्म पर पड़ता है, वे सकर्मक क्रियाएँ होती हैं।
  • जिन क्रियाओं में कर्म तथा फल दोनों कर्ता पर पड़ें, उन्हें अकर्मक क्रिया कहते हैं।

(क) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए-

1.क्रिया से आप क्या समझते हैं?

जिन शब्दों से हमें कार्य होने का बोध होता है उसे क्रिया कहते हैं|

2.धातु किसे कहते हैं? उदाहरण दीजिए।

क्रिया का मुक्त रूप धातु कहलाता है जैसे पढ़ लिख दौड़ आदि l

3.क्रिया के कितने भेद होते हैं? सकर्मक और अकर्मक क्रिया में अंतर बताइए।

क्रिया के दो भेद होते हैं सकर्मक और अकर्मक क्रिया जिन क्रियो का प्रभाव करता पर ना पर कम पर पड़ता है उसे सकर्मक क्रिया और जिन क्रियो में कार्यों तथा फल दोनों करता पर ही पड़े उन्हें अर्कमक क्रिया कहते हैं

4.द्विकर्मक क्रिया किसे कहते हैं?

वह सकर्मक क्रिया जिसके दो कर्म होते हैं उसे द्विकर्मक क्रिया कहते हैं|

5.नामधातु क्रिया किसे कहते हैं? उदाहरण दीजिए।

संज्ञा सर्वनाम और विशेषण बनाने वाली क्रियाएं नामधातु कहलाती है |

(ख) निम्नलिखित क्रियो की मूल धातु लिखिए?

  1. सोना
  2. जाना
  3. लिखना
  4. दौड़ना

(ग) निम्नलिखित क्रियो से प्रेरणार्थक क्रिया बनाइए?

  1. सोना = सुलवाना
  2. उड़ना = उड़वाना
  3. पीना = पिलवाना
  4. जगना = जगवाना

(घ) निम्नलिखित वाक्यों की पूर्ति उचित क्रिया से भरकर कीजिए?

1.नई कक्षा में मैंने नई पुस्तकें ………खरीदा……….l

2. तुमने इस विषय में क्या ……….सोचा……..l

3.यह………कह…..….वह घर के भीतर चला गया।

4.इस मैच में भारत अवश्य…….जीतेगा…….l

5. वह अपने देश…..जाएगा………l

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