language and grammar chapter 1 भाषा और व्याकरण अध्याय 1.

भाषा

भाषा वह माध्यम है जिसके द्वारा मनुष्य अपने मन के विचारों को व्यक्त करता है इस बात को निम्नलिखित उदाहरणों के द्वारा समझा जा सकता है|

  • विजय क्या तुम पढ़ रहे हो?
  • नहीं पिताजी मैं निबंध लिख रहा हूं|
  • बच्चों आज हम समास पढ़ेंगे |

उपर्युक्त उदाहरणों में पिताजी, विजय तथा अध्यापक ने अपनी बात भाषा के माध्यम से कहीं है। इस प्रकार सुबह से शाम तक हम विभिन्न अवसरों पर अपने विचार भाषा के माध्यम से ही व्यक्त करते हैं। विचारों को प्रकट करने के लिए भाषा का प्रयोग तीन प्रकार से किया जाता है।

भाषा के रूप

1.मौखिक भाषा
2. लिखित भाषा
3. सांकेतिक भाषा

1.मौखिक भाषा – इसके अंतर्गत व्यक्ति मुख से बोलकर अपनी बात दूसरों के सामने प्रकट करता है।

2. लिखित भाषा – लिखित भाषा में व्यक्ति अपने विचार लिखकर दूसरे के सामने प्रकट करता है।

3.सांकेतिक भाषा – जब व्यक्ति अपने विचार न लिखकर और न मौखिक रूप से व्यक्त करता है, बल्कि किसी संकेत के माध्यम से व्यक्त करता है, तो वह सांकेतिक भाषा कहलाती है।

लिपि

भाषा का लिखित रूप लिपि कहलाती है हिंदी भाषा की लिपि देवनागरी है कुछ भाषाओं की लिपियां निम्नलिखित है

*भाषालिपि
1.हिन्दीदेवनागरी
2.अंग्रेजीरोमन
3.पंजाबीगुरुमुखी
4.उर्दूफारसी
5.संस्कृतदेवनागरी

भारतीय भाषाएँ

भाषा में अनेक भाषाएँ बोली जाती हैं, परंतु हिंदी भाषा को ही राष्ट्रीय भाषा के रूप में ही मान्यता दी गई हैं; अतः हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है। भारत में बोली जाने वाली अन्य भाषाएँ हैं-
पंजाबी, गुजराती, असमिया, मलयालम, नेपाली, मराठी, संस्कृत, उड़िया, कश्मीरी आदि।

बोली

किसी क्षेत्र विशेष में बोली जाने वाली भाषा बोली कहलाती है। विभिन्न बोलियों के मिलने से भाषा बनती है। हिंदी भाषा में अनेक बोलियाँ; जैसे- ब्रज, भोजपुरी, अवधी आदि हैं।

व्याकरण

जिस शास्त्र में शब्दों के शुद्ध रूप एवं प्रयोग का निरुपण होता है, उसे व्याकरण कहते हैं।” प्रत्येक भाषा का अलग-अलग व्याकरण होता है। जिससे उस भाषा के शुद्ध रूप का ज्ञान होता है।

व्याकरण के भाग

व्याकरण के निम्नलिखित तीन भाग हैं

  1. वर्ण विचार
  2. शब्द विचार
  3. वाक्य विचार

इनका विस्तार पूर्वक अध्ययन हम आगे आने वाले अध्यायों में करेंगे|

याद रखने योग्य बातें

  • भाषा मन के विचारों को व्यक्त करने का माध्यम है।
  • मौखिक भाषा, लिखित भाषा और सांकेतिक भाषा/भाषा के यही तीनों भेद हैं।
  • हिंदी भाषा की लिपि ‘देवनागरी’ है।
  • जिस शास्त्र में शब्दों के शुद्ध प्रयोग का निरूपण होता है, उसे व्याकरण कहते हैं।

अभ्यास प्रश्न

(क) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-

1.भाषा किसे कहते हैं हिंदी भाषा एवं वर्णमाला इसके कितने भेद होते हैं?

जिस माध्यम से मनुष्य अपने विचारों को प्रकट करता है उसे भाषा कहते हैं इसके तीन भेद होते हैं

2.लिखित भाषा किसे कहते हैं?

लिखित भाषा में व्यक्ति अपने विचार लिखकर दूसरे के सामने प्रकट करता है उसे लिखित भाषा कहते हैं

3.बोली किसे कहते हैं?

किसी क्षेत्र विशेष में बोली जाने वाली भाषा बोली कहते हैं|

4.व्याकरण किसे कहते हैं? इसके कितने अंग होते हैं?

जिस शास्त्र में शब्दों के शुद्ध रूप एवं प्रयोग का नियम होता है उसे व्याकरण कहते हैं इसके तीन अंग होते हैं|

(ख) रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-

  1. मनुष्य अपने मन के भाव …भाषा……के माध्यम से प्रकट करता है।
  2. ……लिखित………भाषा में व्यक्ति अपने विचारों को लिखकर व्यक्त करता है।
  3. किसी क्षेत्र विशेष में बोली जाने वाली भाषा को….बोली…कहते हैं।
  4. शब्दों के शुद्ध रूप एवं प्रयोग का निरूपण करने वाले शास्त्र को… व्याकरण…. कहते हैं|

(ग) भारत में निम्नलिखित राज्यों की भाषाओं के नाम लिखिए-

  1. पंजाब = पंजाबी
  2. केरल = मलयालम
  3. असम = असमिया
  4. गुजरात = गुजराती
  5. नेपाल = नेपाली
  6. उडीसा = ओड़िया

हिंदी भाषा एवं वर्णमाला

रस के प्रकार स्थायी भाव, रस और-भाव

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