मध्य पाषाण काल

  • मध्य-पाषाण संस्कृति का महत्व मोटे तौर पर माना जाता है- 9000 ई०पू० से 4000 ई०पू० तक
  • पुरापाषाण काल और नवपाषाण युग के बीच के संक्रमण काल को क्या कहा जाता है – मध्यपाषाण काल
  • भारत में मध्यपाषाण काल के सन्दर्भ में सर्वप्रथम जानकारी आर्कीबाल्ड कार्लाइल ने कब दी थी —1867-68 ई० में
  • मध्यपाषाण काल के उपकरणों की खोज आर्कीबाल्ड कार्लाइल ने सर्वप्रथम किस क्षेत्र से की है – विंध्य क्षेत्र के शैल चित्रों से
  • मध्यपाषाण काल के उपकरण बहुत ही छोटे होते थे, जिन्हें कहा जाता था—. माइक्रोलि उपकरण
  • मध्य पाषाण काल के उपकरणों का निर्माण किन पत्थरों से हुआ- जैस्पर, कल्सडेनी, चर्ट फ्लिंट, क्वार्टजाइट
  • मध्यपाषाण काल के उपकरणों का आकार-प्रकार कैसा था – चन्द्राकार, अर्द्धचन्द्राकार, त्रिभुजामुखी
  • मध्यपाषाण काल में पशुपालन के प्राचीनतम साक्ष्य कहाँ से प्राप्त हुए हैं- आदमगढ़ (होशंगाबाद, म०प्र०) बागोर ( भीलवाड़ा राजस्थान ) से
  • मध्यपाषाण काल में मानव के अस्थिपंजर का सबसे पहला अवशेष कहाँ से प्राप्त हुआ है – सराय नाहर, महदहा ( प्रतापगढ़ उ०प्र० )
  • मध्य पाषाणिक सन्दर्भ में वन्य धान का प्रमाण कहाँ से प्राप्त हुआ है- चोपानीमाण्डो (इलाहाबाद, उ०प्र०)
  • भारत के किस शिलाखोह से सर्वाधिक चित्र प्राप्त हुए हैं—भीमबेटका ( म०प्र० )
  • किस मध्य पाषाणिक स्थल से हड्डी के बने उपकरण प्राप्त हुए हैं – महदहा (प्रतापगढ़, उ०प्र० )
  • किस मध्य पाषाणिक स्थल से एक ही कब्र से तीन मानव कंकाल प्राप्त हुए हैं – दमदमा से
  • भारत में मानव का सर्वप्रथम साक्ष्य कहाँ से प्राप्त हुआ – नर्मदा घाटी (बोरी, महाराष्ट्र )
  • किस प्रागैतिहासिक भारतीय स्थल से ‘होमो इरेक्टस’ मानव की खोपड़ी पाई गई है – हथनौरा ( नर्मदा घाटी )
  • भारतीय प्रागैतिहासिक का टेक्स्ट बुक किस क्षेत्र को कहा जाता है – बेलन नदी घाटी (इलाहाबाद, उ०प्र० )
  • भारत में ज्ञात विशालतम मध्य पाषाण वास वाला स्थल कौन-सा है– बागोर ( भीलवाड़ा, राजस्थान )
  • बागोर साइट के संबंध सही कथन है- यह राजस्थान में अवस्थित है इसके विशुद्ध मध्यपाषाण प्राक् – मृदभाण्ड चरण के होने के संबंध में हमारे पास 5365-3775 ई०पू० की कार्बन तिथियाँ हैं जबु, बैल, भेड़, बकरी और सुअर का करीब 5000 ई० पू० से ही पालतू पशु के रूप में पालन किया जाता था।
  • किस स्थल पर मानव जीवाश्म पुरापाषाणकालीन औजारों के साथ स्वस्थाने मानव पाए गए हैं- हथनौरा ( नर्मदा घाटी महाराष्ट्र )
  • वह मध्यपाषाणिक स्थल जहाँ से पशुवध स्थल (बूचड़खाना) का साक्ष्य प्राप्त हुआ है-महदहा (प्रतापगढ़, उ०प्र० )
  • सराय नाहर और महदहा संबंधित है–गंगा घाटी की मध्य पाषाण संस्कृति से
  • प्राचीनतम कलाकृतियों का प्रमाण किस काल से संबंधित है – उच्च पुरापाषाण काल तथा मध्य पाषाण काल से
  • मध्यपाषाण के प्रमुख स्थल
  • बीरभानपुर-प० बंगाल
  • लघनाज – गुजरात
  • टेरी – तमिलनाडु
  • आदमगढ़ – मध्य प्रदेश
  • बागोर- राजस्थान
  • सराय नाहर- उ०प्र०
  • महदहा – उ०प्र०
  • मध्यपाषाण कालीन गुफा चित्रकारी में किस प्रकार की कला प्रदर्शित की गई है—आखेट, और नृत्ययुद्ध की
  • भारत में किस नवपाषाणिक स्थल की सर्वप्रथम खोज की गई—लिंगसुगुर (1842, मैसूर )

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