नव-पाषाण काल

  • विश्व स्तरीय सन्दर्भ में नव पाषाण काल का प्रारम्भ कब से माना जाता है- 9000 ईसा पूर्व से
  • भारत में नियोलिथिक (नवपाषाण) स्थिरीकरण की तिथि मानी जाती है—7000 ईसा पूर्व
  • भारतीय उपमहाद्वीप में नवपाषाण युगीन एक ऐसी बस्ती के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं, जिसका काल 7000 ईसा पूर्व बताया गया है वह स्थल है – मेहरगढ़ (बलूचिस्तान – पाकिस्तान )
  • नव-पाषाण काल के प्रथम प्रस्तर उपकरण सर्वप्रथम 1860 ई० में लेन्मेसुरियर ने कहाँ से प्राप्त किए थे–टोंस नदी घाटी ( उ० प्र० ) से
  • वह स्थल जहाँ से पाषाण संस्कृति से लेकर हड़प्पा सभ्यता तक के सांस्कृतिक अवशेष प्राप्त हुए हैं – मेहरगढ़
  • भारत में प्राप्त प्राचीन कृषि साक्ष्य वाला स्थल है- सेलहुरादेव ( 9000 ई०पू० से 7000 ई०पू०) संत कबीर नगर, ( उ०प्र० ) तत्पश्चात मेहरगढ़ (7000 ई.पू.)
  • नवपाषाणिक स्थल बुर्जहोम की खोज डी. टेरा एवं पीटरसन ने किस वर्ष की थी-1935 में
  • भारत में सर्वप्रथम चावल के साक्ष्य किस स्थल से प्राप्त हुआ है – कोल्डिहवा (इलाहाबाद )
  • भारत में सर्वप्रथम गेहूँ के साक्ष्य किस स्थल से प्राप्त हुआ है-मेहरगढ़ (7000 ई०पू० )
  • भारतीय उपमहाद्वीप में पालतू भैंस के प्राचीनतम साक्ष्य कहाँ से प्राप्त हुए हैं-मेहरगढ़ से
  • किस नवपाषाणिक स्थल से मानव कंकाल के साथ कुत्ते के कंकाल के अवशेष प्राप्त हुए हैं – बुर्जहोम ( जम्मू-कश्मीर )
  • किस नवपाषाणिक स्थल से गर्तावास (गड्डा घर) के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं – बुर्जहोम एवं गुफ्फकराल से-
  • वह नवपाषाणिक स्थल जहां से पशु हड्डी के उपकरण एवं हिरण की सींगों के उपकरण मिले हैं-चिरांद (सारण, बिहार
  • दक्षिण भारत में नवपाषाणिक काल का मुख्य स्थल कौन-सा है-बेल्लारी (कर्नाटक)
  • किस नवपाषाण कालीन पुरास्थल से ‘राख’ के टीले के साक्ष्य प्राप्त हुए-हैं संगनकल्लू (बेल्लारी, कर्नाटक ) पिकलीहल, उत्तनूर से
  • दक्षिण भारत के नवपाषाणिक स्थल
  • मास्की, ब्रह्मगिरि, हल्लुर, कोडक्कल, पिकलीहल, संगनकल्लू, टी. नरसीपुर, तैक्कलक्कोट (कर्नाटक)
  • पैय्यमपल्ली (तमिलनाडु)
  • उत्तनूर (आंध्र प्रदेश)
  • नवपाषाण काल की प्रमुख देन है
  • स्थिर ग्राम्य जीवन का विकास
  • कृषि का विकास
  • कुम्भकारी निर्माण
  • आग का सर्वप्रथम प्रयोग
  • पहिए का आविष्कार
  • मानव द्वारा सर्वप्रथम किस अनाज का प्रयोग किया गया था-जौ
  • बसुलि, छेनी, छेद वाला गोल पत्थर किस संस्कृति में पाए जाते थे- नवपाषाण काल में
  • फसल काटने का आयताकार पाषाण उपकरण (हार्वेस्टर ) किस नवपाषाणिक स्थल से प्राप्त हुआ हैं – बुर्जहोम (जम्मू-कश्मीर )
  • किस नवपाषाणिक स्थल से पशु बाड़े का प्रमाण प्राप्त हुआ—हैमहगड़ा (इलाहाबाद, उ०प्र० )

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