ओणम पाठ -14 Onam chapter,- 14

फुलवारी कक्षा-4 की हिंदी पाठ्य पुस्तक

यह अध्याय प्राइमरी पाठशाला कक्षा 4 की हिंदी पाठय पुस्तक फुलवारी से लिया गया है इस पाठ पढ़ेंगे ओणम प्रमुख त्योहार

भारत को ‘त्योहारों का देश’ कहा जाता है। यहाँ वर्ष भर त्योहारों की धूम रहती है। ये त्योहार जन-जीवन में चेतना, उत्साह और एकता का संचार करते हैं।
दक्षिण भारत में केरल राज्य का एक विशेष त्योहार है – ओणम । लगातार तीन माह की भारी वर्षा के बाद आकाश स्वच्छ और चमकीला नीला हो जाता है। तालाबों, झीलों, नदियों और झरनों में जल की बहुतायत हो जाती है। कमल और लिली पूरे सौंदर्य के साथ खिलकर महक उठते हैं। फसलें पककर झूमने लगती हैं। यही समय होता है फसलों के घर आने का, झूमने और खुशियों का त्योहार ओणम मनाने का। यह श्रावण मास में मनाया जाता है । मलयालम में इस माह को ‘चिंगमासम’ कहते हैं।

‘ओणम’ के साथ राजा महाबली की पौराणिक कथा जुड़ी है । प्राचीन काल में महाबली नाम के राजा केरल में राज्य करते थे। उनके राज्य में चारों ओर सुख और समृद्धि फैली थी। महाबली अत्यंत पराक्रमी थे। उन्होंने अपने पराक्रम से पृथ्वी और पाताल लोक का स्वामी बनने के बाद आकाश की ओर अधिकार बढ़ाना प्रारंभ किया।

देवराज इंद्र की प्रार्थना पर भगवान विष्णु ने वामनरूप धारण कर महाबली से दान में संपूर्ण पृथ्वी और आकाश माँग लिया तथा महाबली को पाताल लोक भेज दिया। राजा महाबली की प्रार्थना पर प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उन्हें वर्ष में एक बार पृथ्वी पर अपने राज्य में आने का आशीर्वाद दिया। केरलवासियों का दृढ़ विश्वास है कि प्रत्येक वर्ष महाबली ‘ओणम’ के दिन केरल राज्य में आते हैं। इस दिन महिलाएँ उनके स्वागत के लिए अपने घरों के प्रवेशद्वार विभिन्न प्रकार से सजाती हैं और रात्रि में दीप जलाती हैं।
ओणम आनंद और उल्लास का पर्व है। यह चार दिन तक मनाया जाता है। पहले दिन घर की लिपाई-पुताई और पास-पड़ोस को स्वच्छ किया जाता है। सब घरों के आँगन रंग-बिरंगे फूलों की गोलाकार आकृतियों (फूलचक्रों) से सजाए जाते हैं, जिसे ‘पूक्कलम’ कहते हैं। पूक्कलम की सजावट में परिवार के स्त्री, पुरुष, बच्चे सभी उत्साहपूर्वक योगदान देते हैं। विष्णु और महाबली की मूर्तियों को चावल के आटे और नन्हे-नन्हे सफेद द्रोण पुष्पों से सजाया जाता है। पूक्कलम के निकट दीप रखकर इन मूर्तियों का पूजन किया जाता है
ओणम का पहला दिन सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण होता है। इसे ‘तिरुओणम’ कहते हैं। ‘तिरुओणम’ पारिवारिक जनों के मिलन, पारस्परिक प्रेम और सहयोग का पर्व है। इस दिन बाहर गए हुए लोग परिवार में लौट आते हैं और उल्लासपूर्वक मिल-जुलकर त्योहार मनाते हैं। सभी लोग नए और स्वच्छ वस्त्र धारण करते हैं। मध्याहन काल में सब एक साथ बैठकर केले के पत्ते पर भोजन करते हैं । यहाँ केले के पत्ते पर भोजन करना अत्यंत पवित्र माना जाता है।

ओणम के दिनों में भोजन में विविध प्रकार के पकवान सम्मिलित रहते हैं। इनमें चावल, दाल, पापड़, सांभर, खिचड़ी, उप्पेरी (पकौड़ी), पायसम् (खीर) आदि मुख्य हैं। धान, नारियल और केला केरल मुख्य उपजें हैं। विविध पकवान इन्हीं से बनाए जाते हैं।

ओणम के अवसर पर खेल और मनोरंजन के अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। बालिकाएँ और स्त्रियाँ ताली बजाते हुए समूह में मनमोहक नृत्य करती हैं, जिसे ‘कैकोट्टिकली’ नृत्य कहा जाता है। नाचते समय वे गाती हैं

गाँव और नगरों में खेलकूद की अनेक प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाती हैं। इनमें नदियों और निकटवर्ती समुद्र में आयोजित नौका-दौड़ सर्वाधिक आकर्षित करती है। दूर-दूर के गाँवों से सर्पाकार नौकाएं पंबा नदी के तट पर लाई जाती हैं और उनकी पूजा की जाती हैं

गाँव के सभी वर्गों के व्यक्ति विशालकाय नौकाओं में बैठते हैं। परंपरागत पोशाकें पहने नौकागीत गाते हुए सब लोग अपने चप्पू एक निश्चित ताल में एक साथ चलाते हैं। दौड़ में विजेता रही नौकाओं को पुरस्कृत किया जाता है। नौका दौड़ को देखने के लिए देश-विदेश से बडी संख्या में पर्यटक आते हैं।
माना जाता है कि ‘तिरुओणम’ के तीसरे दिन महाबली अपने लोक को लौट जाते हैं इसलिए तिरुओणम के दिन आँगन में बनाई गई कलाकृतियाँ तीसरे दिन हटा ली जाती हैं लेकिन अगले दो दिन तक ओणम चलता रहता है। केरलवासी बीते हुए ओणम की मधुर यादों और अगले ओणम की प्रतीक्षा में पुनः खुशी से अपने कार्यों में लग जाते हैं।

अभ्यास

शब्दार्थ

शब्दअर्थ
श्रावण मास सावन का महीना
मध्याह्न काल दोपहर का समय
पौराणिक कथा पुराणो से ली गई कथा
पराक्रमी वीर,प्रतापी
उल्लासखुशी
चेतनाप्राण
संचारफैलना
पर्यटकसैलानी

1-बोध प्रश्न उत्तर लिखिए-

(क)भारत का त्योहारों का देश क्यों कहा जाता है ?

उत्तर-भारत में वर्ष भर त्योहारो की धूम रहती है इसलिए भारत को त्यौहार का देश कहा जाता है|


(ख) ‘ओणम’ कब मनाया जाता है ?

उत्तर-ओणम त्योहार श्रावण (सावन) महीने में मनाया जाता है|


(ग) ‘ओणम’ के साथ कौन-सी पौराणिक घटना जुड़ी है?

उत्तर-ओणम त्योहार के साथ राजा महाबली की पौराणिक कथा जुड़ी है|


(घ) ‘पूक्कलम’ किसे कहते हैं और इसे कौन तैयार करते हैं ?

उत्तर-ओणम त्यौहार को मनाने के लिए रंग-बिरंगे फूलों की गोलाकार आकृतियां फुल चक्र से सजाए जाते हैं जिसे पूक्कलम कहते हैं|

(ङ) नौका-दौड़ प्रतियोगिता कैसे होती है ?

उत्तर-गांव और नगरों से एकत्रित है नदियों और निकटवर्ती समुद्र में आयोजित नाव का दौड़ पंबा नदी के तट पर लाई जाती है सभी वर्गों के व्यक्ति विशालकाय नौकाओं में बैठते हैं दौड़ में विजेता रही नौकाओं को पुरस्कृत किया जाता है,|


(च) ‘तिरुओणम’ क्यों महत्त्वपूर्ण है ?

उत्तर– इस दिन बाहर गए हुए लोग परिवार में लौट आते हैं उल्लासपूर्वक मिल जुलकर त्यौहार मनाते तइरउओणम पारिवारिक जनों के मिलन पर पारस्प्रेपरिक प्रेम और सहयोग का पर्व हैं|

2-रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-

(क) दक्षिण भारत में ओणम(केरल)का प्रमुख त्योहार है।
(ख) यह (श्रावण)मास में मनाया जाता है|
(ग) ओणम (आनन्द )और(उल्लास )का पर्व है।
(घ) तिरुओणम के(तीन )दिन(महाबली)अपने लोक लौट जाते हैं।

3-सोच विचार बताइए-


‘ओणम’ का त्योहार फसलों के घर आने के समय मनाया जाता है। बताइए कि हमारे यहाँ कौन-कौन से त्योहार फसल चक्र से जुड़े हुए हैं
?

विद्यार्थी स्वयं करें?

4-भाषा के रंग-

उदाहरण के अनुसार नीचे लिखे गए अपव्यय शब्दों को एक ही वाक्य में प्रयोग कीजिए?

  • जैसे ही, मैं घर पहुंच वैसे ही, बारिश शुरू हो गई|
  • जहां तक मैं देख पा रहा हूं वहां तक पानी ही पानी नजर आ रहा है|
  • मेरे पास समय नहीं है इसलिए मैं वहां नही जा रहा हूं क्योंकि मेरा परीक्षा चल रहा है|

5-आपकी कलम से –

आपके गांव पड़ोस में भी कई त्योहार मनाएं जाते होंगे किसी त्योहार के बारे में अपने शब्दों में लिखिए-

  • त्यौहार का नाम-
  • मनाने का समय-
  • मनाने का कारण-
  • मनाने के तरीके-
  • मनाते समय सावधानियां-

उपरोक्त प्रश्न को विद्यार्थी स्वयं करें?

6-अब करने की बारी-

(क) अपने किसी मित्र को अपने यहाँ मनाए जाने वाले त्योहार के बारे में पत्र लिखिए ।

उत्तर-विद्यार्थी स्वयं करें?

(ख) दूसरे राज्य में मनाये जाने वाले त्योहारों के विषय में जानकारी एकत्र कीजिए-

उत्तर-विद्यार्थी स्वयं करें?

(ग) इस वर्ग में कुछ त्योहारों के नाम छिपे हैं उन्हें ढूंढ कर लिखिए?

होवै
लीक्रिक्षाशा
लोखी
न्धरा
डी़
(होली, लोहड़ी , क्रिसमस, रक्षाबंधन, दशहरा, वैशाखी, ईद,)

(घ) बड़ों की मदद से जानिए-

  • केरल की राजधानी=तिरुवनंतपुरम
  • केरल की भाषा=मलयालम
  • केरल का खान-पान=मलयाली साग, अंडा, मछली
  • केरल का प्रसिद्ध नृत्य=कथकली
  • केरल का कोई और त्योहार=विष्णु महोत्सव
  • केरल का प्रसिद्ध उद्योग धंधा=हथकरघा, काजू नारियल ,जटा ,और हस्तशिल्प

(ङ) अपने यहां किसी त्योहार में गया जाने वाला कोई गीत लिखिए-

विद्यार्थी स्वयं लिखिए?

8-मेरे दो प्रश्न : पाठ के आधार पर दो सवाल बनाइए


1. प्रसिद्ध ओणम त्यौहार कहां का प्रमुख त्यौहार है?
2. पूनम त्यौहार किस महीने में मनाया जाता है?

8-इस निबंध से

(क) मैंने सीखा

(ख) मैं करूँगी /करूँगा

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