पुरापाषाण काल

  • जिस काल का कोई लिखित साक्ष्य नहीं प्राप्त होता है, उसे कहते हैं – प्रागैतिहासिक काल
  • प्रागैतिहासिक काल में मनुष्य अपना सांस्कृतिक जीवन कब से प्रारम्भ करता है – लगभग 30 लाख ई० पू०
  • प्रागैतिहासिक काल को कितने भागों में बाँटा गया है- तीन
  • प्रागैतिहासिक काल
  • 1.निम्नपुरापाषाण युग (2500000 ई.पू. से(100000 ई.पू.)
  • 2.मध्यपुरापाषाण युग (से100000 ई.पू. से 40000 ई.पू. तक)
  • 3.उच्चपुरापाषाण युग(40000 ई.पू. से 10000 ई.पू. तक)
  • भारत में सर्वप्रथम किस वर्ष से प्रस्तर युग के सन्दर्भ में अनुसंधान प्रारम्भ हुआ—1863 ई०
  • भारत में किस भू-वैज्ञानिक एवं पुरातत्वविद ने प्रस्तर युगीन बस्तियों का अन्वेषण प्रारम्भ किया- राबर्ट ब्रूस फुट ने
  • डेनमार्क के कोपेनहेगन संग्रहालय की सामग्री से पाषाण, कांस्य और लौह युग का त्रियुगीन विभाजन किया था – थामसन ने
  • भू-वैज्ञानिक पुरातत्वविद रॉर्बट ब्रुस फुट ने किस स्थान से पहला हैंडऐक्स प्राप्त किया था – पल्लवरम (मद्रास के समीप )
  • अतिरमपक्कम नामक स्थान से पूर्व पाषाणकाल के उपकरणों कीखोज किसने की थी- विलियम किंग ने

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