प्यासी मैना

यह अध्याय प्राइमरी पाठशाला कक्षा 4 की हिंदी पाठ पुस्तक फुलवारी से लिया गया है इस पाठ में हम पढ़ेंगे प्यासी मैना की कहानी |

एक थी मैना। वह नीम के खोखल में रहती थी। नीम का पेड़ बगीचे में था। बगीचे में एक नल लगा था।मैना रोज बगीचे में दाना चुगती और नल के पास पानी पीती थी। एक दिन बड़ी गरमी थी। मैना को जोर की प्यास लगी। मैना उड़कर नल के पास गई और चोंच आगे बढ़ाई, लेकिन नल के पास तो सूखा पड़ा था। निराश होकर मैना वहाँ से उड़ी और आम के पेड़ पर जाकर बैठ गई। वहाँ उसे एक तोता मिला। मैना ने पूछा – “भाई, मुझे बड़ी जोर की प्यास लगी है, पानी कहाँ मिलेगा?”

तोता बोला—“पास ही जामुन के पेड़ के नीचे घड़ा रखा है। चलो, वहीं चलकर पानी पीते हैं।” मैना और तोता उड़कर जामुन के पेड़ पर पहुँचे। पेड़ के नीचे घड़ा तो था लेकिन वह
भी खाली था ।


मैना और तोते ने जामुन के पेड़ पर एक कबूतर देखा। मैना ने कबूतर से पूछा – “भाई, पीने के लिए पानी कहाँ मिलेगा?” कबूतर ने कहा – “वह लाल ईंटों वाला मकान है न, उसके आँगन में रोज एक आदमी कपड़े धोता है। फर्श की दरारों में पानी जमा हो जाता है। चलो वहाँ चलकर पानी पीते हैं ।”
मैना, तोता और कबूतर तीनों साथ-साथ उड़ते हुए लाल ईंटों वाले मकान के आँगन में जा पहुँचे लेकिन कपड़े धोने वाला जा चुका था। फर्श की दरारों में जमा पानी भी सूख गया
था।
तोता परेशान होकर बोला – “अब क्या करें?” मैना बोली – “मुझे तो जोर की प्यास लगी है।” कबूतर बोला “चलो कहीं पानी ढूँढ़ते हैं।” मैना, तोता और कबूतर तीनों
साथ-साथ उड़ चले। कुछ देर बाद वे एक पीपल के पेड़ पर उतरे। वहाँ बहुत सारी गौरैया बैठी थीं।

वह सब खूब मजे से चहक रही थीं- चिरर चरर चिर्र र्रर्र । कबूतर गौरैया के पास जाकर बोला – “गुटर गूँ, गुटर गूँ, अरे गौरैया! क्या बात है तुम लोग बहुत खुश हो?” गौरैया ने बताया – “हम सब अभी-अभी नहा कर आए हैं।” मैना अचरज से बोली “नहाकर! तुम्हें नहाने के लिए पानी कहाँ से मिला? हमको तो पीने तक को नहीं मिल रहा।”

गौरैया ने कहा – “आओ मेरे साथ।” सभी उड़ते हुए एक मकान के आँगन में पहुँचे। आँगन में बहुत से गमलों में रंग-बिरंगे फूल खिले थे। आस-पास बहुत से हरे-भरे पौधे भी उगे हुए थे। पौधों की छाया में एक बड़ा-सा मिट्टी का कुंडा पानी से भरा हुआ रखा था।
तोता उत्साह में बोला – “अरे देखो! उस कुंडे में पानी है। वहाँ हुदहुद पानी पी रहा है।” कबूतर ने कहा – “अरे वाह! वहाँ तो एक गिलहरी भी है।”

मैना ने पूछा – “यह कुंडा यहाँ किसने रखा है?” गौरैया ने बताया – “कुंडे को एक छोटी-सी लड़की ने रखा है। वहीं इसमें रोज पानी भर देती है ।”
मैना, तोता, कबूतर तीनों उड़कर कुंडे के किनारे जा बैठे और जी भर कर पानी पिया ।

अभ्यास

(शब्दार्थ) शब्द का अर्थ

शब्दअर्थ
खोखलपेड़ के तने का खोखला भाग
फर्शजमीन, भूमि
दरारचटकी हुई जगह
बगीचाछोटा बाग, बागीचा
अचरजआश्चर्य
कुंडानाद, मटका
जोशउत्साह

1 – बोध प्रश्न उत्तर लिखिए

() मैना क्यों परेशान थी?

उत्तर –मैंना को किसी स्थान पर पानी नहीं मिल रहा था, इसलिए वह प्यास के कारण परेशान थी |

(ख) पानी के लिए तोता मैना को लेकर कहां गया और क्या हुआ?

उत्तर-तोता ने मैना को पास के जामुन के पेड़ के नीचे रखे,घड़ा के पास लेकर गया और वहां देखा कि घड़े में पानी खाली था |

(ग) कबूतर ने गुटुर गुंँ गुटुर गुँ करके गौरेया से क्या पूछा ?

उत्तर -कबूतर ने गौरैया से पूछा क्या बात है तुम लोग बहुत खुश हो गौरेया ने बताया हम सब अभी-अभी नहा कर आए हैं

(घ) मैना को गौरैया की किस बात पर आश्चर्य हुआ?

उत्तर-जब गौरैया ने कहा कि अभी-अभी हम सब नहा कर आए हैं

(ड़) कूंड़े के पास पहुंचकर गौरैया ने मैंना को क्या बताया?

उत्तर –गौरैया ने बताया कि कुंडे को एक छोटी सी लड़की ने रखा है वहीं इसमें रोज पानी भर देती है

(2) कहानी के आधार पर तेजी से बोलिए और खाली जगह में लिखिए ?

उत्तर – प्यासी पक्षी थी  (मैना) | रहती थी नीम के (पेड़) में | नीम था (बगीचे )में | रोज पानी पीती थी(नल) से | नल लगा था (बगीचे,) में | लेकिन नल (सूखा) था | मैना पहुंची (तोता )के पास | तोता ले गया (जामुन) के पेड़ पर | वहां का गड्ढा भी (सूखा )था | मैना और तोता गए (गौरैया )के पास |

(3) सोच – विचार बताइए-

(क) लड़की रोज कुंडे में पानी क्यों भरती थी?

उत्तर-पक्षियों के पानी पीने के लिए ?

(ख) जीवन के लिए पानी क्यों जरूरी है?

उत्तर-पानी के बिना कोई भी जीव जीवित नहीं रह सकता है इसलिए पानी जरूरी है

(ग) पानी हमें कहां-कहां से मिलता है?

उत्तर-पानी हमें कई स्रोत से मिलता है जैसे कुआं, तालाब ,नदी, नल,झील, आदि|

(घ) हम किन-किन तरीकों से पानी की बर्बादी को कम कर सकते हैं?

उत्तर-आवश्यकता के अनुसार पानी का प्रयोग करने से पानी की बर्बादी को कम कर सकते हैं|श

(4) अनुमान और कल्पना : बताइए?

(क) क्या होता है यदि पक्षियों को गौरैया के बताएं कुंड में भी पानी नहीं मिलता?

उत्तर-गौरैया के द्वारा बताए गए कुंड में पानी नहीं मिलता तो पक्षियों को पानी की तलाश में दूर तक भटकना पड़ता |

(ख) छोटी सी लड़की कुंडे में रोज पानी रखती थी जिसमें पक्षी आकर अपनी प्यास बुझाते थे तुम पशु पक्षी के लिए क्या-क्या कर सकते हो?

उत्तर –पशु- पक्षियों के लिए हम भी उस लड़की की तरह घड़े में पानी और अनाज के दाने को रख सकते हैं जिससे पक्षी अनाज से पेट को भर सके और पानी से प्यास बुझा सके|

(5) भाषा के रंग-

यह भी जानिए-

जिन शब्दों के अर्थ में सामानता हो उन्हें पर्यायवाची शब्द कहते हैं जैसे– पेड़_ वृक्ष ,तारु, पादप

(क) तीन तीन पर्यायवाची शब्द लिखिए-

पानी = अंम्बु,जल,नीर

पक्षी = खग, नभचर, चिड़िया

फुल = पुष्प, सुमन, मंजर ,

(ख) नीचे दिए गए संज्ञा शब्दों को विशेषण शब्दों के साथ लिखिए|

यह भी जानिए

सुंदर फूल/सुंदर मकान/सुंदर बालक तीन तीनों उदाहरण में सुंदर शब्द क्रमशः फुल मकान और बालक की विशेषता सुंदरता बता रहा है अतः सुंदर शब्द विशेषण शब्द है संज्ञा अथवा सर्वनाम शब्द की विशेषता बताने वाले को विशेषण शब्द कहा जाता है |

जैसे (सूखा नाल, सूखी लकड़ी, सूखे पेड़)

सुखा नल,

सुखा तालाब,

सुखी नदी,

सूखा कपड़ा,

सूखे खेत,

सूखे पेड़,

सूखी लकड़ी,

सूखा कुआँ,

सूखा घड़ा,

सूखी नहर,

सूखी फसलें,

सूखे तिनके,

सूखे पत्ते

(ग) ऐसे वाक्य की रचना कीजिए

(क) जिसमें योजक चिन्ह ( – ) का प्रयोग हुआ हो |

रामू- श्यामू बगीचे में जाते है

दो शब्दों को जोड़ने के लिए-का प्रयोग किया जाता है उपरोक्त के उदाहरण देखें

(ख) जिसमें प्रश्न वाचक चिन्ह ( ? ) का प्रयोग हुआ हो |

क्या तुम विद्यालय गए ?

वाक्य के अंत में जिनमें प्रश्न सूचित हो वहां पर प्रश्नचक चिन्ह का प्रयोग किया जाता है उपरोक्त उदाहरण देखें|

(ग) जिसमें अल्पविराम चिन्ह ( , ) का प्रयोग हुआ हो |

चलो , अब हम सब स्कूल चलते हैं

वाक्य में सबसे कम रुकने के लिए तथा दो से अधिक सामान पदो पद्यांशो वाक्य को अलग करने के लिए योजक चिन्ह का प्रयोग किया जाता है उपरोक्त उदाहरण देखें|

(घ) जिसमें विस्मयादि बोधक चिन्ह ( ! ) का प्रयोग हुआ हो|

हे राम!

वाक्य के अंत में खुशी घृणा दुख या हैरानी प्रकट करने के लिए विस्मयादि बोधक चिन्ह का प्रयोग किया जाता है उपरोक्त उदाहरण देखें|

(6) आपकी कलम से-

पाठ में आए चित्र 2 को देखिए और लिखिए-

(क) चित्र में कौन क्या कर रहा है?

उत्तर – हुदहुद और गिलहरी पानी पीते हुए बातें कर रहे हैं , मैना , तोता ,गौरैया चाहरदीवारी पर बैठकर बातें कर रहे हैं

(ख) क्या-क्या बातें हो रही होगी गिलहरी और हुदहुद में तोता और मैना में ?

उत्तर-गिलहरी ने हुदहुद से कह रही होंगी देखो कुंडे में कितना सारा पानी छोटी सी लड़की ने हम लोग के लिए रख गई है|

तोता मैना से कह रहा होगा पानी की तलाश में भटकते भटकते आखिर हमें पानी मिल ही गया|

(ग) चित्र के आधार पर अपने साथियों से पूछने के लिए कुछ सवाल बनाइए|

1- गौरैया कहां बैठी है

2- नीम के खोखरा में कौन रहती थी?

3-मैंना जब आम के पेड़ पर जाकर बैठ गई तब उसे कौन मिला?

प्रश्न संख्या 7, 8, 9 विद्यार्थी स्वयं करने का प्रयास करें

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