Rajan Shabd Roop in Sanskrit राजन् (राजा) शब्द रूप

राजन् (राजा) शब्द रूप

राजन् एक नकारान्त संज्ञा वाचक शब्द है | राजन् शब्द के शब्द रूप तीनों लिंगों में न चलकर केवल पुल्लिंग में रूप चलते हैं | आज हम राजन् शब्द के शब्द रूपों का अध्ययन करेंगे । यह शब्द रूप अन्य शब्द रूपों से काफी भिन्न है । अत: इनका अध्ययन ध्यानपूर्वक करना चाहिए |


शब्द रूप

विशेष :- राजन् एक संज्ञा वाचक शब्द है अत: इसमें सात विभक्तियों के अलावा संबोधन भी होता है |


राजन् (राजा) शब्द रूप

विभक्तिएकवचनम्द्विवचनम्बहुवचनम्
प्रथमाराजाराजानौराजान:
द्वितीया राजानाम्राजानौराज्ञ:
तृतीयाराज्ञाराजाभ्याम्राजाभि:
चतुर्थीराज्ञेराजाभ्याम्राजभ्य:
पञ्चमीराज्ञ:राजाभ्याम्राजभ्य:
षष्ठीराज्ञ:राज्ञौ:राज्ञाम्
सप्तमीराज्ञ,राज्ञनिराज्ञौ:राजसु
सम्बोधनहे राजन् !हे राजानौ !हे राजान: !

इन शब्द रूपों में से अशुद्धिसंशोधन से सम्बन्धित प्रश्न पूछे जाते हैं, उदाहरण के रूप में कुछ प्रश्न आपके सामने प्रस्तुत कर रहा हूँ ।

1.” राज्ञे” में कौनसी विभक्ति का प्रयोग हुआ है
?
(अ) सप्तमी
(ब) द्वितीया
(स) चतुर्थी
(द) तृतीया

2.“राजन्” शब्द की सप्तमी एकवचन का रूप क्या होगा ?
(अ) राज्ञी
(ब) राजनी
(स) राज्ञा
(द) राज्ञि

3.”राजन्” शब्द की षष्ठी बहुवचन का रूप
क्या होगा ?
(अ) राज्ञाम्
(ब) राजानम्
(स) राजानाम्
(द) राज्ञोः

4.”राजानः” में कौनसा वचन है ?
(अ) षष्ठी बहुवचन
(ब) प्रथमा बहुवचन
(स) द्वितीया एकवचन
(द) प्रथमा द्विवचन


इस प्रकार के प्रश्न प्रतियोगिता परीक्षाओं व board exams में पूछे जाते हैं ।

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