पाठ -9 सूर्य और मौसम Surya aur Mausam

सूर्य और मौसम

सूर्य एक ग्रह है। यह दिन में चमकता है। यह पूरब से
निकलता है और पश्चिम में अस्त हो जाता है। यह पृथ्वी को गर्मी प्रदान करता है। सूर्य के कभी अधिक और कभी कम गर्मी प्रदान करने से हम सब सर्दी और गर्मी का अनुभव करते हैं।

सूर्य की किरणें, पृथ्वी पर दोपहर को सीधी पड़ती हैं,
इसलिए दिन गर्म होता है और रातें ठण्डी मौसम के परिवर्तन
में सूर्य का बहुत महत्व है। सूर्य की गर्मी से जल और स्थल दोनों ही प्रभावित होते हैं।

सूर्य से ऊष्मा – सूर्य हर समय चमकता रहता है और गर्म किरणें फैलाता रहता है। पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती रहती है। पृथ्वी का जो भाग सूर्य की ओर होता है; वहाँ दिन होता है और दूसरे भाग में ठण्डी रात होती है। प्रत्येक भाग में क्रम से गर्म दिन और ठण्डी रात होती है।

IMG 20240218 100433 पाठ -9 सूर्य और मौसम Surya aur Mausam

दोपहर को सूर्य की किरणें पृथ्वी पर सीधी पड़ती हैं, अत: बहुत गर्मी होती है। सुबह- शाम सूर्य की किरणें तिरछी होती हैं, अत: बहुत गर्मी नहीं होती है।

प्रयोग 1- एक गत्ते का टुकड़ा लीजिए। इस पर एक वर्गाकार छिद्र काट लीजिए। अब इस गते को दोपहर 12 बजे पृथ्वी से 30 सेमी ऊपर रखिए। गत्ते की छाया के बीच में जितने

क्षेत्र में प्रकाश पड़ता है, उस प्रकाश की सीमा रेखा बना दीजिए। इसी प्रयोग को शाम को / और अगले दिन सुबह को फिर से कीजिए। आपको अपना गत्ता सूर्य की ओर करना होगा। अब भी जितने क्षेत्र में प्रकाश पड़ता है, उसकी सीमा रेखा बना दीजिए। छिद्र से दोपहर, शाम और सुबह को एक सी ऊष्मा आ रही है। किन्तु वही ऊष्मा शाम और सुबह को अधिक क्षेत्र में फैल जाती है, जिससे इसका प्रकाश प्रत्येक वर्ग सेमी कम गर्म होता है। इस प्रकार, शाम और सुबह दोपहर की अपेक्षा कम गर्म या अधिक ठण्डी होती है। इसी प्रकार, सूर्य की किरणें गर्मी की ऋतु में सीधी और सर्दी की ऋतु में तिरछी पड़ती हैं।

1.स्थल जल की अपेक्षा शीघ्र गर्म हो जाता है – सूर्य की गर्मी से स्थल जल की अपेक्षा शीघ्र गर्म हो जाता है।


प्रयोग 1- एक पत्थर का टुकड़ा और बर्तन में पानी भरकर धूप में रखिए। एक-दो घण्टे बाद दोनों को छूकर देखिये। आप देखेंगे कि पत्थर पानी की अपेक्षा अधिक गर्म है।

प्रयोग 2- गर्मी के दिनों में सड़क पर नंगे पैर चलिए। सड़क गर्म होने के कारण आप उस पर पैर नहीं रख पायेंगे। अब अपने पैर किसी तालाब में डुबाइये। आप देखेंगे कि पानी में पैर अधिक देर तक सरलता से रख सकते हैं। इन प्रयोगों से यह स्पष्ट होता है कि सूर्य की गर्मी जल को इतनी शीघ्रता से गर्म नहीं करती है, जितनी शीघ्रता से वह भूमि को गर्म करती है।

2. स्थल जल की अपेक्षा शीघ्र ठण्डा हो जाता है – सूर्य की गर्मी से स्थल जल की अपेक्षा शीघ्र ठण्डा हो जाता है।


प्रयोग 3 – एक बीकर में पानी भरकर उसमें एक पत्थर का टुकड़ा डालिए। अब इसे उबालिए। जब पत्थर पानी के ताप तक गर्म हो जाये, तब पत्थर पानी से बाहर निकालिए। पत्थर और बीकर के पानी को छाया में ठण्डा होने के लिए रख दीजिए। थोड़ी देर बाद दोनों को अलग-अलग स्पर्श कीजिए। आप देखेंगे कि पत्थर जल की अपेक्षा अधिक ठण्डा है। रात्रि के समय भूमि शीघ्र ठण्डी हो जाती है और पानी देर तक गर्म रहता है। मरुस्थल में दिन की अपेक्षा रात अधिक ठण्डी होती है।


प्रयोग 4 दो चौड़े मुँह वाले बर्तन लीजिए। एक बर्तन में रेत भरिए और दूसरे में पानी। दोनों बर्तनों को दो घंटे धूप में रखिए। अब प्रत्येक बर्तन का तापमान तापमापी से मापिए। आप देखेंगे कि रेत का तापमान अधिक और पानी का तापमान कम है। यही क्रिया रात में दोहराने से रेत का तापमान कम और पानी का तापमान अधिक होगा। दोनों प्रयोगों से

यह स्पष्ट होता है कि भूमि शीघ्र गर्म और शीघ्र ठण्डी हो जाती है। जल को गर्म और ठण्डा होने में अधिक समय लगता है। सूर्य का प्रकाश किसी भी स्थान के मौसम को प्रभावित करता है।


सूर्य से मौसम में परिवर्तन होता है – ग्रीष्म ऋतु में सूर्य अधिक गर्मी देता है, ग्रीष्म में सूर्य हमारे सिर के ऊपर होता है। इस ऋतु में सूर्य की किरणें पृथ्वी पर सीधी पड़ती हैं। दिन में सूर्य के प्रकाश की अवधि अधिक होती है, इसलिए ग्रीष्म ऋतु में दिन लम्बे और रातें छोटी होती हैं।


शरद ऋतु में सूर्य ग्रीष्म ऋतु की अपेक्षा कम गर्मी देता है। इस ऋतु में सूर्य की किरणें पृथ्वी पर तिरछी पड़ती हैं। दिन में सूर्य के प्रकाश की अवधि कम होती है, इसलिए जाड़ों में दिन छोटे और रातें लम्बी होती हैं।

वायु और मौसम

हमारे चारों ओर वायु है। सूर्य की किरणें जल और स्थल दोनों को गर्म कर देती हैं। जल और स्थल दोनों गर्म होने से इनके ऊपर चलने वाली वायु भी गर्म हो जाती है। स्थल शीघ्र गर्म होता है, इसलिए स्थल के ऊपर की वायु शीघ्र गर्म हो जाती है। जल देर में गर्म होता है, इसलिए जल के ऊपर की वायु कम गर्म होती है। वायु गर्म होकर हल्की हो जाती है और चारों ओर फैलती है। जल के ऊपर की वायु भारी होती है। जब हल्की वायु ऊपर उठती है, तब भारी वायु उसका स्थान लेने को दौड़ती है। वायु का ठण्डा और गर्म होना वायु के स्थानान्तरण से होता है। वायु के तापमानों में जितना अधिक अन्तर होगा, वायु उतनी ही तिज चलेगी। वायु जब गर्म रेगिस्तान से होकर गुजरती है, तो अत्यधिक गर्म हो जाती है। इस समय की गर्म वायु को लू कहते हैं।

वायु से मौसम में परिवर्तन होता है-गर्म और ठण्डी वायु से मौसम में परिवर्तन आता है। गर्म हवाएँ चलने से मौसम गर्म और ठण्डी हवाएँ चलने से मौसम ठण्डा हो जाता है। समुद्र के ऊपर चलने वाली वायु स्थल के ऊपर चलने वाली की अपेक्षा अधिक ठण्डी होती है।

याद रखिए-

सूर्य एक ग्रह है। यह दिन में चमकता है।

मौसम के परिवर्तन में सूर्य का बहुत महत्व है।
सूर्य हर समय चमकता रहता है और गर्म किरणें फैलाता रहता है। स्थल जल की अपेक्षा शीघ्र गर्म हो जाता है
स्थल जल की अपेक्षा शीघ्र ठण्डा हो जाता है -

सूर्य का प्रकाश किसी भी स्थान के मौसम को प्रभावित करता है सूर्य से मौसम में परिवर्तन होता है -
—
शरद ऋतु में सूर्य ग्रीष्म ऋतु की अपेक्षा कम गर्मी देता है।
 • वायु गर्म होकर हल्की हो जाती है और चारों और फैलती है।


देखें आपने क्या सीखा .


क. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए –

1.दिन गर्म और रातें ठण्डी क्यों होती हैं ?

दिन में सूर्य की किरणें पृथ्वी पर पड़ती है इसलिए दिन गर्म होता है। और सूर्य अस्त हो जाने पर सूर्य की किरणें पृथ्वी पर नहीं पहुंच पाती इसलिए रात में ठंडी होती हैं।

2.मरुस्थल में दिन की अपेक्षा रात ठण्डी क्यों होती है ?

जल की अपेक्षा भूमि जल्दी ठंडी होती है इसलिए मरुस्थल में रात ठंडी होती है।

3.लू किसे कहते हैं ?

वायु जब गर्म रेगिस्तान से होकर गुजरती है तो अत्यधिक गर्म हो जाती है इस समय की गर्म वायु को लू कहते हैं

4.वायु से मौसम में परिवर्तन कैसे होता है ?

गर्म और ठंडी वायु से मौसम में परिवर्तन आता है।

5.समुद्र के ऊपर और भूमि के ऊपर चलने वाली वायु में क्या अन्तर है ?

समुद्र के ऊपर चलने वाली हवाएं ठंड होती है और भूमि के ऊपर चलने वाली हवाएं गर्म होती हैं।

ख. निम्नलिखित रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –

1.सूर्य ..पुरब.. से निकलता है।

2.सूर्य की गर्मी से …मौसम …में परिवर्तन होता है।

3.भूमि शीघ्र .. गर्म ..हो जाती है

4.…जल ..को ठण्डा होने में अधिक समय लगता है।

5.वायु गर्म होकर ..हल्की ..हो जाती है।

निम्नलिखित वाक्यांशों के सामने सही (/) और गलत (X) के चिह्न लगाइए –

निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर विद्यार्थी स्वयं दें।

1.सुबह के समय सूर्य की किरणें पृथ्वी पर सीधी पड़ती हैं।

2.सूर्य की गर्मी से जल और स्थल दोनों प्रभावित होते हैं।

3.जल स्थल की अपेक्षा जल्दी ठण्डा हो जाता है।

4. दिन में सूर्य के प्रकाश की अवधि अधिक होती हैं।

5. ठण्डी हवाएँ चलने से वायु गर्म हो जाती है।

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