Time in Sanskrit समय सम्बन्धी नियम

समय सम्बन्धी नियम

आज हम सीखेंगे कि संस्कृत में समय कैसे बताया व लिखा जाता है। क्योंकि हम पहले से यह जानते हैं कि Sanskrit में संख्याओं की गणना 01 से 100 तक कैसे की जाती है, यह हमारे एक लेख में आपको मिल जाएगी | एक दिन-रात में केवल 24 घंटे होते हैं लेकिन घड़ी में सूई 12 के बाद फिर से 01 पर आ जाती है और 01 घंटे में केवल 60 मिनट होती है। इसलिए यदि आप 01 से 60 तक गिनती जानते हैं, तो यह पर्याप्त है । अत: आइए अब हम संस्कृत में समय बताना व लिखना सीखे |


Time in Sanskrit समय सम्बन्धी नियम


समय को हम चार भागो में बाँट सकते हैं।

•पूर्ण समय. 6:00

सपाद (सवा). 6:15

सार्ध (साढ़े). 6:30

पादोन (पौन). 6:45


विशेष :- बजें को संस्कृत में ‘वादनम् कहते हैं । जब समय को अकेले में लिखे तो “वादनम् और जब समय वाक्य में प्रयोग होता है तब ” वादने” लिखा जाता है।

Time in Sanskrit
पूर्ण समय

06:00 बजे. षड् वादनम्

08:00 बजे. अष्ट वादनम्

12:00 बजे. द्वादश वादनम्

10:00 बजे. दश वादनम्

01:00 बजे. एक वादनम्

03:00 बजे. त्रि वादनम्

05:00 बजे. पञ्च वादनम्

02:00 बजे. द्वि वादनम्

सपाद (सवा)

09:15 बजे. सपाद नव वादनम्

04:15 बजे. सपाद चतुर्वादनम्

06:15 बजे. सपाद षड् वादनम्

11:15 बजे. सपाद एकादश वादनम्

07:15 बजे. सपाद सप्त वादनम्

02:15 बजे. सपाद द्वि वादनम्

01:15. बजे. सपाद एक वादनम्

सार्ध {साढ़े}

08:30 बजे. सार्ध अष्ट वादनम्

12:30 बजे. सार्ध द्वादश वादनम्

07:30 बजे. सार्ध सप्त वादनम्

04:30 बजे. सार्ध चतुर्वादनम्

03:30 बजे. सार्ध त्रि वादनम्

01:30 बजे. सार्ध एक वादनम्

पादोन {पौन}

09:45 बजे. पादोन दश वादनम्

11:45 बजे. पादोन द्वादशवादनम्

12:45 बजे. पादोन एक वादनम्

03:45 बजे. पादोन चतुर्वादनम्

05:45 बजे. पादोन षड् वादनम्

06:45 बजे. पादोन सप्त वादनम्

08:45 बजे. पादोन नव वादनम्

01:45 बजे. पादोन द्वि वादनम्

अपूर्ण समय

12:05 बजे. पंचाधिक द्वादश वादनम्

08:10 बजे. दशाधिक अष्ट वादनम्

09:55 बजे। पञ्च न्यून दश वादनम्

02:50 बजे। दश न्यून त्रि वादनम्

अर्थात् कम होने पर ‘न्यून’ का प्रयोग करें तथा ज्यादा होने पर ‘अधिक’ का प्रयोग करें । इस तरह से हम सम्पूर्ण समय को संस्कृत में बोल व लिख सकते हैं |

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