tva tal pratyaya in sanskrit त्व और तल् प्रत्यय

त्व और तल् प्रत्यय

तल् प्रत्यय:—“तस्य भावः त्व-तलौ”


“त्व” और “तल्” प्रत्यय का प्रयोग भाववाचक संज्ञा बनाने के लिए किया जाता है । “त्व” प्रत्ययान्त शब्द नपुंसकलिंग होते हैं । “तल्” प्रत्ययान्त शब्द स्त्रीलिंग होते हैं ।
“त्व” प्रत्यय के शब्द के साथ “त्वम्” तथा “तल्” प्रत्यय के शब्द के साथ “ता” जुड़ता है | “त्व” प्रत्यय के शब्दरूप ‘फल’ शब्दरूप के समान बनते हैं और “तल्” प्रत्यय के शब्दरूप ‘लता’ शब्दरूप के समान बनते हैं ।


तल् प्रत्यय में ल् का लोप होकर “त” शेष रहता है । तल् प्रत्ययान्त शब्दों के साथ टाप् > आ प्रत्यय का प्रयोग होता है ।
जैसे:-
महत् + तल् = महत्त
महत्त + टाप् = महत्ता

इसी प्रकार :- सुन्दरता, मधुरता, न्यूनता, कोमलता इत्यादि ।

त्व और तल् प्रत्यय के उदाहरण

शब्द“त्व” प्रत्यय“तल्” प्रत्यय
कटु कटुत्वम्कटुता
मूर्ख
मूर्खत्वम्
मूर्खता
पशु
पशुत्वम्
पशुता
बन्धु
बन्धुत्वम्
बन्धुता
ऋजु
ऋजुत्वम्
ऋजुता
मृदु
मृदुत्वम्
मृदुता
लघु
लघुत्वम्
लघुता
मानव
मानवत्वम्
मानवता
चपलचपलत्वम्चपलता

त्व और तल् प्रत्यय-वस्तुनिष्ठ प्रश्न


अधोलिखितेषु वाक्येषु रेखांकित पदनां प्रकृति- प्रत्ययौ संयोज्य विभज्य वा उचितम् उत्तरं विकल्पेभ्यः चित्वा लिखत


01. परिश्रमस्य महत् + त्व सर्वे जानन्ति | All india 2011, 2012, 2015, 2016
(अ) महत्त्वम्
(ब) महत्त्व:
(स) महत्त्व
(द) महत्त्वता

: 02. बालानां चपल + त्व क: न जानाति ? All india 2011, 2015
(अ) चपलत्व
(ब) चपलत्त्व
(स) चपलत्त्वम्
(द) चपलता
03. मानवत्वम् सर्वथा पूजनीयं वर्तते ।
(अ) मानव + त्वम्
(ब) मानव + त्व
(स) मानव + तव
(द) मानव + तवम्

04. देवत्वम् एव संसारे प्रतिष्ठति ।
(अ) देव + तव
(ब) देव + त्वम
(स) देव + त्वम्
(द) देव + त्व
05. मनसः चंचल + तल् कः निरोद्धुम् क्षम: ?
All india 2016
(अ) चंचलत्व
(ब) चंचला
(स) चंचलताम्
(द) चंचल

06. दुष्टानां मूर्ख + तल् दृष्ट्वा सर्वे उपहसन्ति
| delhi 2016
(अ) मूर्खता
(ब) मूर्खताम्
(स) मूर्खाम्
(द) मूर्खत्वम्
07. उपवनस्य रमणीयता मनोहरा अस्ति ।
All india 2015
(अ) रमणीय + त्व
(ब) रमणीय + टाप्
(स) रमणीय + तल्

08. मानवता एव मानवस्य भूषणम् अस्ति | Delhi 2015
(अ) मानव + तल्
(ब) मानव + त्व
(स) मानव + टाप्

उत्तराणि

01.अ, 02. स, 03. ब, 04. द,05स, 06. ब, 07. स, 08. अ |

Leave a Comment