UP PSC RO PARYAYVACHI

  • Amrit ka paryayvachi – अमिय, सुधा, मधु, सोम, अमी, पीयूष, जीवनोदक, सुरभोग
  • Anupam ka paryayvachi – अनुपम ,अनोखा, अपूर्व, अद्भुत, अनूठा, अतुल, अद्वितीय, अनन्य
  • Ashwa ka paryayvachi- अश्व,बाजि, हय, घोटक, सैंधव, तुरंग, रविपुत्र, घोड़ा
  • Ashur ka paryayvachi – असुर,दानव, दनुज, निशाचर, राक्षस, रजनीचर, निशिचर, देवारि
  • Agni ka paryayvachi – अग्नि,आग, वह्नि, पावक, अनल, धूमकेतु, कृशानु, दहन
  • Atithi ka paryayvachi –अतिथि—पाहुन, मेहमान, आगंतुक, पाहुना, अभ्यागत
  • अचल – शैल, नग, गिरि, महीधर, पर्वत, स्थिर, दृढ़, भूधर, मेरु, तुंग अप्सरा-सुरबाला, देवांगना, दिव्यांगना, सुरसुन्दरी, देवबाला
  • अपमान–अवमान, अनादर, बेइज्जती, तिरस्कार, उपेक्षा, निरादर
  • अर्जुन-पार्थ, गुडाकेश, गांडीवधारी, धनंजय, कौन्तेय, सव्यसाची
  • अधिकार – शक्ति, सामर्थ्य, क्षमता, दावा, हक, स्वत्व
  • अंगूठी – मुद्रिका, मुंदरी, मुद्रा, अंगुलिका
  • अज्ञानी—–मूर्ख, मूढ़, अनजान, अनभिज्ञ
  • अमर-अमर्त्य, नित्य, अनश्वर, अक्षय
  • अधर – ओंठ, ओष्ठ, दंतच्छद, रदनच्छद
  • अदृश्य–लुप्त, गायब, तिरोहित, अन्तर्धान, अस्त अनिवार्य आवश्यक, जरूरी, अपरिहार्य, बाध्यकर
  • असभ्य – बर्बर, अशिष्ट, दुःशील
  • अन्वेषण – गवेषण, खोज, जांच, शोध, अनुसंधान
  • अचला- पृथ्वी, क्षिति, धरा, वसुन्धरा, वसुधा, धरती, उर्वी, अवनि, मेदिनी
  • अक्षर – मोक्ष, वर्ण, शिव, ब्रह्म
  • अधर्म-पाप, अपराध, अकर्तव्य, दोष
  • आडम्बर- प्रपंच, ढकोसला, स्वांग, दिखावा, ढोंग
  • आँख–दृग, लोचन, नेत्र, दृष्टि, नयन, अक्षि, चक्षु, अम्बक, विलोचन आम-रसाल, सहकार, अमृतफल, पिकवल्लभ, आम्र, पियम्बु, पिकप्रिय
  • आपत्ति – आपदा, विपदा, मुसीबत, विपत्ति
  • आनन्द–प्रसन्नता, मोद, प्रमोद, हर्ष, उल्लास, आह्लाद
  • आकाशगंगा–मंदाकिनी, सुरनदी, नभगंगा, स्वर्गनदी
  • कल्पद्रुम–देववृक्ष, पारिजात, देवद्रुम, कल्पवृक्ष
  • कामदेव–मन्मथ, मदन, मनोज, अनंग, रतिपति, पंचशर, प्रद्युम्न, कुसुमशर,मनसिज, मकरध्वज,कन्दर्प
  • क्रोध- अमर्ष, रोष, आक्रोश, कोप, तैश
  • कुत्ता-श्वान, श्वा, कुक्कुर, शुनक, सारमेय
  • कृष्ण–श्याम, मुरलीधर, गिरिधर, बंशीधर, मधुसूदन, मुकुंद, गेपीनाथ, वासुदेव,
  • केशव, कन्हैया, माधव, राधारमण, हृषीकेश
  • कृतज्ञ – ऋणी, आभारी, अनुगृहीत उपकृत कृतार्थ
  • कन्या–बालिका, तनया, दुहिता, किशोरी, बाला, गौरी, बेटी
  • कार्तिकेय–षडानन, स्कंद, कुमार
  • कर-हाथ, हस्त, पाणि, बांह, भुज
  • कटु – तीक्ष्ण, तीखा, कड़ा, परुष, कर्कश
  • कृत्रिम – दिखावटी, बनावटी, नकली, अवास्तविक
  • कपट-धोखा, छल, फरेब, झांसा
  • कामुकता—लंपटता, व्यभिचारिता, विषयासक्ति,भोगासक्ति
  • किनारा – तीर, कूल, छोर, तट, पुलिन, सिरा
  • खल – शठ, धूर्त, कुटिल, नीच, दुर्जन, अधम
  • खग – विहग, पक्षी, द्विज, चिड़िया, पखेरू
  • गंगा–मन्दाकिनी, जाह्नवी, सुरसरि, देवनदी, भागीरथी, विष्णुपदी, त्रिपथगा
  • गज–हस्ति, कुंजर, गयन्द, करी, मतंग, वितुंड, हाथी
  • गरुड़–खगेश, पन्नगारि, उरगारि, हरियान, सुपर्ण, नागान्तक, वैनतेय
  • गृह-घर, सदन, भवन, मन्दिर, धाम, निकेतन, आलय, निलय
  • गाय – सुरभि, गौरी, भद्रा, दौग्धी, गो, धेनु
  • गर्दभ–वैशाखनन्दन, रासभ, धूसर, गधा, गदहा, चक्रीवान्
  • गरीब-निर्धन, दरिद्र, अकिंचन, दीन, कंगाल
  • गणेश–गजानन, गणपति, लम्बोदर, विनायक, गजबदन, हेरम्ब, विघ्नविनाशक,भवानीनन्दन, गिरिजानन्दन, गौरीसुत
  • चन्द्रमा–सुधाकर, शशांक, राकापति, रजनीपति, निशानाथ, सुधांशु, निशापति,शशि, विधु, इन्दु, मृगांक कलानिधि
  • चमक – ज्योति, प्रभा, द्युति, कांति, शोभा, छवि, आभा, प्रकाश
  • चतुर – निपुण, प्रवीण, पटु, कुशल, सयाना, नागर
  • चांदनी – कौमुदी, ज्योत्सना, चन्द्रिका
  • चंदन–हरिगंध, दिव्यगंध, मलयज, गंधसार
  • जल – अम्बु, वारि, नीर, उदक, तोय, सलिल
  • जानकी-सीता, वैदेही, जनकसुता, जनक तनया, जनकात्मजा
  • जंगल-विपिन, कानन, वन, अरण्य, अटवी, कांतार, आरण्य जगत–विश्व, संसार, भव, जग, लोक, दुनिया, भुवन, मृत्युलोक
  • कल्पद्रुम–देववृक्ष, पारिजात, देवद्रुम, कल्पवृक्ष
  • कामदेव—–मन्मथ, मदन, मनोज, अनंग, रतिपति, पंचशर, प्रद्युम्न, कुसुमशर,मनसिज, मकरध्वज,कन्दर्प
  • क्रोध- अमर्ष, रोष, आक्रोश, कोप, तैश
  • कुत्ता-श्वान, श्वा, कुक्कुर, शुनक, सारमेय
  • कृष्ण–श्याम, मुरलीधर, गिरिधर, बंशीधर, मधुसूदन, मुकुंद, गेपीनाथ, वासुदेव,केशव, कन्हैया, माधव, राधारमण, हृषीकेश
  • कृतज्ञ – ऋणी, आभारी, अनुगृहीत उपकृत कृतार्थ
  • कन्या–बालिका, तनया, दुहिता, किशोरी, बाला, गौरी, बेटी
  • कार्तिकेय–षडानन, स्कंद, कुमार
  • कर-हाथ, हस्त, पाणि, बांह, भुज
  • कटु – तीक्ष्ण, तीखा, कड़ा, परुष, कर्कश
  • कृत्रिम – दिखावटी, बनावटी, नकली, अवास्तविक
  • कपट-धोखा, छल, फरेब, झांसा
  • कामुकता—लंपटता, व्यभिचारिता, विषयासक्ति,भोगासक्ति
  • किनारा – तीर, कूल, छोर, तट, पुलिन, सिरा
  • खल – शठ, धूर्त, कुटिल, नीच, दुर्जन, अधम
  • खग – विहग, पक्षी, द्विज, चिड़िया, पखेरू
  • गंगा–मन्दाकिनी, जाह्नवी, सुरसरि, देवनदी, भागीरथी, विष्णुपदी, त्रिपथगा।
  • गज–हस्ति, कुंजर, गयन्द, करी, मतंग, वितुंड, हाथी
  • गरुड़–खगेश, पन्नगारि, उरगारि, हरियान, सुपर्ण, नागान्तक, वैनतेय
  • गृह-घर, सदन, भवन, मन्दिर, धाम, निकेतन, आलय, निलय
  • गाय – सुरभि, गौरी, भद्रा, दौग्धी, गो, धेनु
  • गर्दभ–वैशाखनन्दन, रासभ, धूसर, गधा, गदहा, चक्रीवान्
  • गरीब-निर्धन, दरिद्र, अकिंचन, दीन, कंगाल
  • गणेश–गजानन, गणपति, लम्बोदर, विनायक, गजबदन, हेरम्ब, विघ्नविनाशक,भवानीनन्दन, गिरिजानन्दन, गौरीसुत
  • चन्द्रमा–सुधाकर, शशांक, राकापति, रजनीपति, निशानाथ, सुधांशु, निशापति,शशि, विधु, इन्दु, मृगांक कलानिधि
  • चमक – ज्योति, प्रभा, द्युति, कांति, शोभा, छवि, आभा, प्रकाश
  • चतुर – निपुण, प्रवीण, पटु, कुशल, सयाना, नागर
  • चांदनी – कौमुदी, ज्योत्सना, चन्द्रिका
  • चंदन–हरिगंध, दिव्यगंध, मलयज, गंधसार
  • जल – अम्बु, वारि, नीर, उदक, तोय, सलिल
  • जानकी-सीता, वैदेही, जनकसुता, जनक तनया,जनकात्मजा
  • जंगल-विपिन, कानन, वन, अरण्य, अटवी, कांतार, आरण्य
  • जगत–विश्व, संसार, भव, जग, लोक, दुनिया, भुवन,मृत्युलोक
  • राजमहल -राजभवन, राजप्रासाद, राजमंदिर
  • राधा–हरिप्रिया, राधिका, वृषभानुजा, ब्रजरानी
  • राम—रघुपति, राघव, रघुनंदन, रघुवर, सीतापति, जानकीवल्लभ
  • रावण–लंकेश, लंकापति, दशानन, दसशीश, दसकंठ, दसकंधर लक्ष्मण-लखन, शेषावतार, सौमित्र, शेष, अनंत, रामानुज लज्जा – व्रीड़ा, संकोच, लाज, हया, शर्म
  • लक्ष्मी- पद्मा, पद्मासना, समुद्रजा, क्षीरोद, श्री
  • वल्लभ–पति, प्रियतम, प्राणेश्वर, प्रिय, प्राणनाथ
  • वज्र – अशनि, कुलिश, दंभोलि, पवि
  • वर्षा-पावस, मेह, वृष्टि, बारिश
  • इषु, विशिख, सर, नाराच
    विष-गरल, कालकूट, जहर, हलाहल
    विह्वल – विक्षुब्ध, आकुल, व्यग्र, व्याकुल
    विष्णु – दामोदर, मधुरिपु, पुण्डरीकाक्ष, श्रीपति, उपेंद्र, चक्रपाणि, चतुर्भुज, विश्वम्भर, गरुणध्वज, अच्युत, मुकुंद, केशव, माधव, जनार्दन
  • शंकर- शंभु, भोले त्रिपुरारि, महादेव, देवाधिदेव, कैलाशपति, शिव, नीलकंठ, गंगाधर, चंद्रमौलि, मदनारि
  • शिष्ट–सज्जन, सभ्य, शालीन, अनुशासित
  • शोभा-सौन्दर्य, सुषमा, मनोहरता, छटा, सुन्दरता
  • शरीर-काया, गात, वपु, तन, अंग, देह, बदन
  • सम्पूर्ण–अखिल, सकल, समूचा, सर्व, समग्र,समूह
  • निकर, पुंज, यूथ, राशिसुरभ
  • सर्प–अहि, विषधर, उरग, फणिधर
  • स्वर्ग-द्यौ, दिव, सुरलोक, देवलोक, परमधाम
  • समुद्र – जलधि, रत्नाकर, नीरनिधि, सिन्धु, पयोधि, पयोनिधि, उदधि, वारीश,सागर, अब्धि, जलधाम, अर्णव
  • संध्या–सायंकाल, दिवावसान, सायं, दिनांत, गोधूलि
    सखी-सहचरी, सहेली, आली, सजनी
    सरस्वती-ब्राह्मी, भारती, वाक्, भाषा, गिरा, शारदा, वीणापाणि, वागीशा,वाणी
  • सुगन्ध-सुवास, खुशबू, महक, परिमल, इष्टगंध, सुरभि
  • सम्राट्- ट्-अधिपति, राजाधिराज, अधीश्वर, शाहंशाह, महाराजाधिराज
  • सोना–स्वर्ण, कनक, हिरण्य, हेम, सुवर्ण, कंचन
    स्त्री-नारी, अबला, वनिता, महिला, रमणी, कामिनी
  • सूर्य-तरणि, आदित्य, दिवाकर, भास्कर, प्रभाकर, मार्तण्ड, दिनकर
    सिंह–नाहर, वनहरि, केशी, व्याघ्र, मृगारि, मृगेन्द्र, केसरी, शेर, मृगराज,पुण्डरीक, शार्दूल, वनराज हिरन-मृग, सारंग, हरिण, कुरंग, सुरभी
  • बलिदान – आत्मोत्सर्ग, प्राणोत्सर्ग, प्राणाहुति
  • ब्राह्मण- विप्र, द्विज, भूसुर, भूदेव, बाभन ब्रह्माण्ड-दुनिया, जगत, विश्व, संसार, जगती
  • ब्रह्मा–स्वयंभू, चतुरानन, पितामह, विधि, विधाता, विरंचि, सृष्टिकर्ता मेधा, जेहन, मति
    बुद्धि-प्रज्ञा,
  • बगीचा–बाग, उपवन, वाटिका, उद्यान, निकुंज
  • बचपन–बालपन, लड़कपन, बाल्यावस्था, बचपना बसंत ऋतुराज, ऋतुपति, मधुमास, कुसुमाकर
  • भारती – वाणी, वागीश, वागेश्वरी, शारदा, वीणावादिनी
  • भारत-जम्बू द्वीप, हिन्दुस्तान, भारतखंड, आर्यावर्त भाषा
  • विज्ञान- शब्द विज्ञान, भाषाशास्त्र, शब्दशास्त्र भीड़ – जनसंकुल, जमघट, जमावड़ा, जनसमूह
  • भूमिका – मुखबंध, आमुख, प्राक्कथन, लेखकीय
  • भव्य – शानदार, रमणीय, दिव्य, मनोहर
    अमर – अलि, मधुकर, मधुप, सारंग, भृंग, द्विरेफ, मिलिन्द
  • भोला- सरल, सीधा, निष्कपट, निश्छल, अकुटिल
    भय त्रास, भीति, डर, खौफ, आतंक
  • मोक्ष – कैवल्य, मुक्ति, सद्गति, निर्वाण, परमपद
    मित्र-
  • सखा, सुहृद, दोस्त, यार, सहचर
    मुख– आनन, वदन, चेहरा, मुखड़ा, मुँह
    मृत्यु – अंतकाल, देहान्त, प्राणान्त, देहावसान, दिवंगत मोर- र – मयूर, शिखी, ध्वजी, नीलकण्ठ, शिखी, कलापी
    मैना-सारिका, कलहप्रिया, चित्रनेत्रा, चित्रलोचना, चित्राक्षी मुर्गा-कुक्कुट, तमचुर, अरुणशिखा, ताम्रचूड़
    मुनि-योगी, तापस, व्रती तपस्वी, साधु, संन्यासी, संत, त्यागी
    मदिरा – मद्य, हाला, सुरा, शराब, आसव, मधु
    महारानी—–पटरानी, राजरानी, महिषी, सम्राज्ञी
    माया-छल, प्रपंच, धोखा, प्रवंचना, छलना
    मछली–मीन, मत्स्य, जल- जीवन, झष, अंडभव, शफरी मनोहर-मंजु, चारु, सुन्दर, मनोज्ञ, मोहक, मनोरम
    मां—–अम्बा, अम्बिका, मैया, जननी, माता, धात्री, जनयित्री यमुना–सूर्यतनया, तरणि, तनूजा, भानुजा, कालिन्दी, सूर्यसुता यश–ख्याति, नाम, प्रसिद्धि, कीर्ति
    युवती – सुन्दरी, श्यामा, किशोरी, रमणी, तरुणी, नवोढ़ा यम—धर्मराज, काल, मृत्युपति, यमराज, श्राद्धदेव, दण्डधर
  • भूपति, भूप, महीप, नृप, नरपति, नरेश, भूपाल,
    राजा –
    रंक–निर्धन, अकिंचन, दरिद्र, कंगाल, धनहीन
    रात्रि – राका, निशा, रजनी, रैन, यामिनी, विभावरी
    नरेन्द्र
    रमा—–श्रीकमला, कमलासना, विष्णुप्रिया, इंदिरा, लक्ष्मीकान्ता
  • धन-द्रव्य, दौलत, पैसा, माल, सम्पदा, वित्त
  • धनुष – शरासन, कोदण्ड, चाप, धनु, कमान, पिनाक धूप–आतप, द्योत, घाम
  • धन्यवाद–आभार, कृतज्ञता, शुक्रिया
  • नियति–प्रारब्ध, भवितव्यता, भाग्य, भावी, होनी नाव-तरिणी, नौका, डोंगी, नैया, जलयान
  • नमक- लवण, समरस, लोन, नोन
  • नरक–यमालय, जहन्नुम, दोज़ख, यमलोक, यमपुरी
  • नित्य–शाश्वत, सदैव, अविनाशी, अनश्वर
  • नदी- सरिता, निर्झरिणी, तरंगिनी, तरंगवती, तटिनी, सरी
  • निर्धन—–अकिंचन, कंगाल, दरिद्र
  • नुकीला – सूच्यग्र, तीक्ष्णाग्र, कटाग्र
  • नैसर्गिक—–प्राकृतिक, स्वाभाविक, वास्तविक
  • पत्थर-पाषाण, पाहन, शिला, प्रस्तर, उपल
  • पण्डित-सुधी, विद्वान, कोविद, बुध, धीर, मनीषी, विलक्षण पत्नी-भार्या, दारा, सहगामिनी, कलत्र, वधू, प्राणप्रिया, अर्धांगिनी
  • पताका–झण्डा, ध्वजा, ध्वज, निशान, केतु
  • पवन–वायु, समीर, अनिल, हवा, मारुत, प्रभंजन
  • पत्ता- पल्लव, पर्ण, दल, पत्र, किसलय
  • पटु -प्रवीण, दक्ष, निपुण, कुशल, होशियार
  • पुत्र- बेटा, तनुज, सुत, आत्मज, तनय
  • परतन्त्र–पराधीन, परवश, पराश्रित, गुलाम, अधीन
  • पार्वती–गिरिजा, शैलसुता, अम्बिका, भवानी, गौरी, उमा
  • पिता–तात, जनक, जनयिता, बाप, पितृ
  • पल्लव–किसलय, पर्ण, पत्ती, कोंपल, पात परिवर्तन-हेर-फेर, बदलाव, तब्दील पान–ताम्बूल, नागबेल, मुखमंडन, बालदल पुत्री – तनया, आत्मजा, दुहिता, सुता, बेटी प्रगति–विकास, उन्नति, श्रीवृद्धि, तरक्की
  • प्रसन्नता—आह्लाद, प्रफुल्लता, हर्ष
  • प्रकाश-प्रभा, द्युति, दीप्ति, आलोक
  • प्रार्थना-याचना, अर्ज, आराधना, विनय, निवेदन
  • प्रख्यात—–प्रसिद्ध, विख्यात, मशहूर, यशस्वी, विश्रुत, नामी
  • प्रिया -प्रेयसी, प्यारी, वल्लभा, प्रियतमा, प्रेमिका
  • प्रेम-स्नेह, अनुराग, ममता, दुलार, प्रीति
  • प्रभात – ऊषाकाल, अरुणोदय, प्रातः
  • फूल-पुष्प, कुसुम, पुहुप, सुमन, प्रसून
  • बंदर-कपि, मर्कट, वानर, कपीश, शाखामृग
  • बादल–मेघ, जलधर, वारिद, नीरद, वारिधर, अम्बुद, धराधर, जीमूत
  • बलराम–बलबीर, हलायुध, हली, रेवतीरमण, हलधर
  • जमुना- सूर्यतनया, सूर्यसुता, कालिंदी यमुना, रवितनया, रविनंदिनी जुगनू–खद्योत, पटबीजना, पट, प्रभाकीट
  • जीभ-जिह्वा, रसना, रसज्ञा
  • जीव-प्राणी, जीवधारी, जीवनधारी
  • झरना–प्रपात, निर्झर, स्रोत, उत्स, जलप्रपात, प्रस्रवण
  • झोपड़ी-कुटी, कुटिया, पर्णकुटी, कुंज, मड़हा, छानी टीका – व्याख्या, वृत्ति, भाषान्तरण, विवृत्ति
  • ठग–वंचक, प्रतारक, अड़ीमार, प्रवंचक, जालसाज
  • ठगी-प्रतारणा, वंचना, फरेब
  • ढिठाई – धृष्टता, बेशर्मी, अशिष्टता, गुस्ताखी, अविनय
  • तम—–अन्धकार, तिमिर, ध्वान्त, अंधेरा, तमिस्रा
  • तालाब—–सर, जलाशय, तड़ाग, पुष्कर, हृद, सरोवर, कासार, पोखर
  • तरुणी–युवती, मनोज्ञा, सुन्दरी, प्रमदा, रमणी
  • तिरस्कार–उपेक्षा, अपमान, निरादर, बेइज्जती, अवमानना
  • तानाशाह—–अधिनायक, निरंकुश, शासक, डिक्टेटर
  • तोता-
  • शुक, सुआ, सुग्गा
    तरु–वृक्ष, विटप, पेड़, पादप, द्रुम
    तलवार-कृपाण, खड्ग, चन्द्रहास, असि, करवाल, शमशीर
    तादात्म्य–सारूप्य, तद्रूपता, अनन्यता, एकात्म्य
    थकान–श्रान्ति, क्लान्ति, थकन, थकावट
    थोड़ा-परिमित, रंचमात्र, अल्प, किंचित, कुछ
    थल-पृथ्वी, धरती, जमीन, धरा, भूतल, भूमि
    दास-अनुचर, सेवक, भृत्य, किंकर, परिचारक
    दीपक-चिराग, दीया, दीप, प्रदीप, गृहमणि
    दुःख – पीड़ा, कष्ट, क्लेश, यातना, व्यथा, उद्वेग, विषाद, वेदना
    दिनांक- तारीख, तिथि, मिती
    दामिनी-चपला, तड़ित, प्रभा, विद्युत, बिजली, क्षणप्रभा
    दासी – अनुचरी, सेविका, किंकरी, परिचारिका, भृत्या दुर्गा–सिंहवाहिनी, चंडिका, भवानी, कल्याणी, धात्री, अभया द्रौपदी – द्रुपदसुता, पांचाली, याज्ञसेनी, कृष्णा
    दूध-पय, क्षीर, दुग्ध, पीयूष, अमृत
    दीपावली दीपमाला, दीपोत्सव, दीवाली, दीपमालिका
    दर्पण – शीशा, प्रतिमान, मुकुर, आदर्श, आईना, आरसी देवता–आदित्य, अमर्त्य, गीर्वाण, देव, अमर, सुर, विबुध, निर्जर
    दिन – दिवा, दिवस, वासर, अहन, वार
    दांत–रद, रदन, द्विज, दशन, दंत
    द्वेष- शत्रुता, बैर, दुश्मनी, विरोध

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